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देरी पड़ेगी भारी, दूसरे चरण में अब 65 करोड़ और लगेंगे

कालीसिंध बांध की रिवाइज्ड डीपीआर भेजी

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देरी पड़ेगी भारी, दूसरे चरण में अब 65 करोड़ और लगेंगे

देरी पड़ेगी भारी, दूसरे चरण में अब 65 करोड़ और लगेंगे

भरत शर्मा
झालावाड़. कालीसिंध बांध के द्वितीय फेज की फाइल तीन साल बाद भी केन्द्र सरकार के पाले में है। बांध के द्वितीय फेज के लिए डीपीआर, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट वर्ष 2018 में ही बनाकर केन्द्रीय जल आयोग को भेज दी थी। लेकिन केन्द्र ने अभी तक इस डीपीआर के बारे में कोई निर्णय नहीं किया। प्रोजेक्ट की रिपोर्ट के केन्द्रीय जल आयोग से स्वीकृति मिलने के बाद ही कालीसिंध बांध के द्वितीय फेज के बारे में निर्णय हो सकेगा। उधर 2018 में जो जल आयोग को डीपीआर भेजी गई थी। वो 1236 करोड़ की थी। लेकिन स्वीकृति में देरी के चलते दुबारा से बीएसआर बेसिक शिड्यूल रेट रिवाइज्ड करना पड़ा। 2019 की बीएसआर के आधार पर इसकी लागत 65 करोड़ और बढ़ गई है। दूसरे फेज की रिवाइज्ड लागत 1236 से 1301 करोड़ हो गई है।

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सूत्रों ने बताया कि बांध के द्वितीय फेज में बांध के 3.25 मीटर गेट की ऊंचाई बढ़ाई जानी प्रस्तावित है। इसके अलावा बांध की क्षमता भी बढ़ाई जानी प्रस्तावित है। इस बांध की वर्तमान क्षमता 54.3 मिलीयन घन मीटर है। द्वितीय फेज के बाद बांध की क्षमता 148.11 मिलीयन घनमीटर हो जाएगी। इससे बांध में पानी का संग्रहण अधिक होने से थर्मल की भविष्य में बनने वाली दो अतिरिक्त इकाईयों को इससे पानी दिया जा सकेगा। वहीं बांध की संग्रहण क्षमता बढऩे से जिले के 18 हजार 518 हैक्टेयर में फव्वारा सिंचाई पद्धति से भी खेतों में पानी की सुविधा दी जा सकेगी। कालीसिंध बांध की जद में आने वाले 31 गांवों के काश्तकारों को 888 करोड़ रुपए का मुआवजा वितरण किया जाएगा। यदि हम कुल बजट की गणना करें तो 413 करोड़ से तो बांध का कार्य होगा। जबकि शेष राशि मुआवजा वितरण के लिए होगी।

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इनकी भूमि होगी अवाप्त
द्वितीय फेज के लिए पिपलोद, दित्याखेड़ी, बिंदा, बोरदा, किशनपुरा, नाहरड़ी, टोलखेड़ा, ढाबलीकलां, रीछवा, हरिपुरा, राजपुरा, प्रहलादपुरा, नसीराबाद, खटकड़, रिजोरा, पिपलिया तालाब, कोटडाकुंज, सलावद, दीवड़ी, बंजारीए, टिटोडिया, बडबड़, ऊंखली, भंवरासी, रामपुरिया, डावल, रावल, नंदपुरा, सुंवास, रायपुर की भूमि अवाप्त होगी।

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कालीसिंध बांध के द्वितीय फेज के लिए डीपीआर 2019 की बीएसआर दर पर बनाकर दुबारा भेजी है। बजट अब रिवाईज्ड होकर 1236 से सीधे 1301 करोड़ रुपए हो गया है।
बजरंगलाल जाट, अधिशासी अभियंता, कालीसिंध बांध