
झुंझुनूं. पिलानी क्षेत्र के गांव डूलानियां के लोगों को बिना ऋण लिया ही सरकार ने ऋण माफकर दिया है। सहकारी समिति से ऋण लिए बिना ही सरकार द्वारा हाल ही में किए गए ऋण माफ की सूची में गांव के लोगों के नाम आने से गांव डुलानियां के लोगों में नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों ने बिना लोन लिए ऋण माफी सूची में नाम होने से सहकारी समिति में करोड़ों के घोटाले की आशंका जताई है।
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ग्रामीणों ने समिति व्यवस्थापक, संचालक व सचिव पर धोखाधड़ी करके फर्जी तरीके से कागजात तैयार कर ऋण माफी के नाम पर रुपए उठाने का अरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इस संंबंध में सोमवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन देने आए लोगों ने आरोप गांव डुलानियां स्थित सहकारी समिति द्वारा दिए गए लोन को सरकार द्वारा माफ करने पर ऋण माफी की सूची जारी की गई।
सूची में गांव के ऐसे लोगों के नाम है जो कभी सहकारी समिति के न तो सदस्य रहे हंै और ना ही किसी प्रकार का लेन देन किया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के करीब डेढ़ सौ नाम ऐसे है। जिन्होंने सहकारी समिति से लोन नहीं लिया, लेकिन सरकार द्वारा जारी की गई ऋणमाफी सूची में उनका नाम है।
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घोषित की गई सूची में लोगों के नाम के आगे पन्द्रह हजार से पचास हजार तक की लोन की राशि को सरकार द्वारा माफ करने की जानकारी दी गई है। ग्रामीणों ने सहकारी समिति में घपले की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है।ज्ञापन देने वालों में गोविंदसिंह, भावानीसिंह, सतबीर, अली मोहम्मद, भरतसिंह, अमरचंद, शिवकुमार, रामेश्वर, दिनेश, शंकरलाल, शमशेर खान, रामसिंह, मनोहर, किशोरीलाल, महीपाल, रणधीर, प्रेमचंद, राधेश्याम, रमेश, सरवर खान, उम्मेदसिंह, ओमप्रकाश आदि शामिल थे।
इनका कहना है
पिछले दिनों बैंक के झुंझुनूं स्थित प्रधान कार्यालय से सहकारी समिति से ऋण लेने वालों की सूची मांगी गई थी। जिस में कुछ खामियां रह गई है अब हाल ही में अधिकारियों से ऋणमाफी की सूची में ही खामियों को दूर करने को कहा गया है। जिस को लेकर बैंक अधिकारी तथा सहकारी समिति के पदाधिकारी सूची का शुद्धिकरण कर रहे हैं।
सुंदर, समिति व्यवस्थापक, डुलानिया
कोई सबूत नहीं
ग्रामीणों ने ज्ञापन दिया है। लेकिन उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया है।सभी १९८ समितियों से लोन लेने वालों की जांच करवाई जा रही है।
बीएस बाजिया, एमडी, कॉपरेटिव बैंक झुंझुनूं