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Rajasthan Food Security Scheme: सरकारी ’अन्न’ पर डाका डालने वाले अपात्रों की खैर नहीं, राशन डीलरों पर भी कसी नकेल

सरकारी ’अन्न’ पर डाका डालने वाले अपात्रों की अब खैर नहीं। खाद्य सुरक्षा योजना में गरीबों का हक मारने वालों के खिलाफ जिला रसद विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा और सघन अभियान छेड़ दिया है।

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Rajasthan Food Security Scheme

पत्रिका फाइल फोटो

झुंझुनूं। सरकारी ’अन्न’ पर डाका डालने वाले अपात्रों की अब खैर नहीं। खाद्य सुरक्षा योजना में गरीबों का हक मारने वालों के खिलाफ जिला रसद विभाग ने अब तक का सबसे बड़ा और सघन अभियान छेड़ दिया है। इसका असर यह है कि अब तक 48,710 लोगों ने स्वेच्छा से योजना से अपना नाम कटवा लिया है। इसके चलते लगभग 34,974 गरीब एवं ज़रूरतमंद परिवारों को योजना से जोड़ा जा सका। राज्य स्तर की अब तक की बात की जाए तो 27 लाख से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से त्याग किया है।

जिला रसद विभाग के अधिकारी स्वयं हर सप्ताह जिले की कम से कम 8 राशन दुकानों का औचक निरीक्षण करेंगी। उनके नेतृत्व में प्रवर्तन निरीक्षकों की टीम भी मैदान में उतर चुकी है, जिन्हें प्रतिदिन 3 से 4 दुकानों की जांच का लक्ष्य दिया गया है। जिले की सभी 720 उचित मूल्य की दुकानों को इस जांच की जद में लिया जाएगा, जिससे किसी भी कोने में अपात्रों के लिए कोई गुंजाइश न बचे।रसद विभाग की टीमें गांव-गांव, गली-गली पहुंचकर जमीनी हकीकत खंगाल रही हैं।

लाभार्थी के घर के साथ-साथ पड़ोसियों से भी गुप्त जानकारी जुटाई जा रही है कि क्या वाकई परिवार योजना का पात्र है या सरकारी नौकरी, पक्का मकान और चार पहिया वाहन होते हुए भी गरीबों के हक पर कुंडली मारे बैठा है। सबूत मिलते ही अपात्रों को नोटिस थमाया जा रहा है और नाम काटने की प्रक्रिया चालू है। विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक का असर अभूतपूर्व रहा है। जिले में चलाए जा रहे ’गिव अप’ अभियान के तहत अब तक साढ़े आठ हजार से से अधिक अपात्र परिवारों ने डर और शर्मिंदगी के चलते खुद ही योजना से नाम हटवा लिया है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रशासन ठान ले तो अपात्रों की चालाकी नहीं चल सकती।

31 अगस्त है आखिरी मोहलत, फिर होगी वसूली

विभाग ने अपात्रों को सुधरने का एक आखिरी मौका देते हुए ’गिव अप’ अभियान की तारीख 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। विभाग अब तक 350 से ज्यादा नोटिस जारी कर चुका है और चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नाम नहीं हटाया तो न केवल नाम काटा जाएगा, बल्कि अब तक लिए गए राशन की बाजार दर पर वसूली की कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।

राशन डीलरों पर भी कसी नकेल

राशन डीलरों पर भी नकेल कसी गई है। कोई भी राशन डीलर अपात्रों को संरक्षण देता पाया गया या ’गिव अप’ अभियान में लापरवाही बरती तो उसका लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी। सभी दुकानों पर गिव-अप बैनर, लाभार्थी सूची और अन्य योजनाओं के बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इस महा-अभियान का लक्ष्य स्पष्ट है कि हर पात्र को उसका हक और हर अपात्र को योजना से बाहर करना।
डॉ. निकिता राठौड़, जिला रसद अधिकारी, झुंझुनूं