
झुंझुनूं. चिड़ावा उपखंड के गांव कुतुबपुरा, रायला और डेडराम की ढाणी में मुर्गीफार्म हटाने की मांग को लेकर चल रहा विरोध मंगलवार को उग्र हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण रैली के रूप में सेठ मोतीलाल पीजी कॉलेज के पास से कलक्ट्रेट पहुंचे और कलक्ट्रेट परिसर नारेबाजी-प्रदर्शन करते हुए अंदर घुसने का पूरजोर प्रयास किया। परंतु वहां पर तैनात जाब्ते ने गेट बंद कर उन्हें रोक दिया। इस पर प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने प्रशासन के लोगों को बूरा-भला तक कह दिया। जब अंदर नहीं जाने दिया गया तो ग्रामीण बाहर धने पर बैठ गए और सभा करने लगे।
नागरमल बुडानिया की अध्यक्षता में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मुर्गी से फार्म से एक व्यक्ति विशेष को लाभ हो रहा है, जबकि पूरा गांव परेशान है। धरने को दो माह से ऊपर होने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। धरने के इतने दिन होने के बाद भी प्रशासन मौन क्यो हैं? वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन उनकी वाजिब मांग को नहीं मानता है तो आंदोलन को उग्र कर घेराव किया जाएगा।
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सभा को फूलचंद ढेवा, फूलचंद बरबड़, मूलचंद खरींटा, ओमप्रकाश झरोड़ा, विद्याधर गिल, धर्मपाल गुर्जर, मदनसिंह यादव, सुनील गुर्जर समेत अनेक वक्ताओ ने संबोधित किया। सभा के बाद एक प्रतिनिधिमंडल कलक्टर से मिला और ज्ञापन दिया। प्रदर्शन में कुतुबपुरा, डेढाराम की ढाणी, रायला गांव के लोग शामिल हुए। धरने को एसएफआई, किसान सभा आदि ने समर्थन दिया। इस मौके पर कृष्ण कुमार, बजरंगलाल बराला, भगवानाराम, उम्मेदसिंह, जगदीश, एसएफआई के जिला उपाध्यक्ष जुबैर खोखर, सुमेर बुडानिया समेत अनेक लोग मौजूद थे।