
-अरविंद सिंह राजपुरोहित
बासनी(जोधपुर). बासनी क्षेत्र के एम्स रोड स्थित मंगलम नगर में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से क्षेत्रवासियों को विकट समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विकास के नाम पर मात्र हाथों में मकानों का पट्टा लिए क्षेत्रवासियों को मूलभूत सुविधाओं का बरसों से इंतजार है। जनप्रतिनिधियों को लगातार क्षेत्र में विकास कार्यों को करवाने के लिए अवगत करवाने के बाद भी जिम्मेदारों को लोगों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। यहां सुविधाओं के नाम पर दुविधाओं का ही नजारा देखने को मिल रहा है। शायद जनप्रतिनिधियों ने भी यहां रहने वाले लोगों को वोटों की गरज तक सीमित रखा है। यही कारण है कि यहंा विकास की कोई झलक देखने को नहीं मिल रही। क्षेत्रवासियों को हो रही परेशानियों पर एक रिपोर्ट-
दो दशक पूर्व आया था अस्तित्व में
मंगलम नगर के नाम से पहचाना जाने वाला यह नगर वर्ष १९९६ में अस्तित्व में आया था। यहां रहने वाले लोगों ने इन्हीं उम्मीदों के साथ अपने सपनों का आशियाना बनाया था कि उन्हें सभी प्रकार की मूलभूत सुविधांए मिलेगी, लेकिन वर्तमान में इसके उलट ही हो रहा है। वर्तमान में यहां लगभग ३०० घर बने हुए हैं, जिनमें करीब २ हजार लोग रहते हैं।
टैंकरों से बुझा रहे प्यास
कॉलोनी में बने सुंदर मकानों को देखकर लगता है यहां सभी प्रकार की सुविधांए होंगी, लेकिन मानव जीवन की सबसे बड़ी जरुरत पानी का भी यहां पर अभाव ही नजर आता है। रहने वाले लोगों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी पेयजल लाइन नहीं डाली गई है। ऐसे में पानी के टैंकरों से प्यास बुझानी पड़ रही है। इसके लिए जेब से मोटी राशि खर्च करनी पड़ रही है।
सीवरेज लाइन के अभाव में बहता गंदा पानी
नगर में सीवरेज लाइन नहीं होने के बावजूद क्षेत्रवासियों के बिल में इसकी राशि भी जुड़ कर आ रही है। जबकि सीवरेज लाइन नहीं होने से मंगलम नगर में घरों से निकलने वाला पानी भी सड़कों पर ही बह रहा है। इससे यहां से गुजरने वाले मार्गों पर गंदगी व कीचड़ जमा हो रहा है।
मकानों के पट्टे, पर विकास नहीं
यहां रहने वाले लोगों के पास मकानों के पट्टे होने के बाद भी विकास कार्य नहीं होना पीड़ा पहुंचाता है। विकास की आस में इंतजार करते लोगों पर प्रशासन की राहत का इंतजार है। प्रशासन की अनदेखी लोगों पर भारी पड़ रही है।
रात को भी नहीं मिलती राहत
दिन भर शासन व प्रशासन को कोसते लोगों को रात में भी राहत नहीं मिलती। रोड लाइट नहीं होने से रात के समय क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। वहीं अंधेरे की आड़ में क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी लगा रहता है। जिसके चलते क्षेत्र की छवि भी खराब हो रही है। पुलिस प्रशासन भी ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने में जीरो ही है।
उच्च स्तर तक की शिकायतें
मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशान क्षेत्रवासियों ने विकास कार्यों के लिए सांसद, विधायक से लगाकर जिला कलक्टर तक भी गुहार लगाई, लेकिन कोई भी विकास कार्य शुरु नहीं हुए।
गड्ढों में हिचकोले खाकर गिर रहे लोग
सड़क के अभाव में यहां से गुजरने वाले लोगों को मार्ग में हुए गड्ढों के चलते हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। सड़क पर हुए गड्ढों में यहां से गुजरने वाले वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
बारिश के मौसम में भैरव नाला बन जाता है आफत
विकास कार्य नहीं होने से परेशान क्षेत्रवासियों के लिए बारिश भी बैरन बनकर बरसती है। पास से गुजरने वाले भैरव नाले का रासायनिक पानी बारिश के मौसम में ओवरफ्लो होकर घरों में घुस जाता है। ऐसे में नगर में बाढ के हालात बन जाते हैं। वहीं इससे कई घरों की नींव में भी बारिश का पानी भर जाने से दरारें आ गई हैं। प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की मदद मुहैया नहीं करवाई जाती है।
इनका कहना है-
जनप्रतिनिधि नहीं सुन रहे
यहां रहते हुए बीस बरस हो गए। इस दरम्यान कई जनप्रतिनिधियों ने यहां आकर विकास कार्य करवाने का वादा किया, लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि अपने वादों पर खरा नहीं उतर पाया है।
देवेंद्र सांखला
नाले का पानी आ रहा घरों में
विकास कार्य नहीं होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में तो यहां हालात खतरे से खाली नहीं है। समीप से गुजरने वाले भैरव नाले के पानी से मकान में दरारें आ गई। जिसके चलते मकान का वापस निर्माण करवाना पड़ा।
मोहन लाल
कर रहे भेदभाव
मंगलम नगर के आस-पास बसी सभी कॉलोनियों में विकास कार्य हो रहे हैं। सिर्फ हमारे साथ ही भेदभाव किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि यहां आकर हालात देखने तक की भी जहमत नहीं उठा रहे हैं।
शिवलाल पंवार
कब मिलेगी सुविधा
मूलभूत सुविधाओं का इंतजार करते कई वर्ष हो गए हैं। ऐसे में विकास कार्य शुरु होने का इंतजार है। रात के समय क्षेत्र में रहने वाले अंधेरे से पैदल गुजरना भी मुश्किल हो जाता है।
बाबूलाल रोपिया
गंदगी से फैल रही बीमारियां
सड़क, पानी व सीवरेज लाइन नहीं होने से हो रही परेशानियों से जिम्मेदारों को अवगत करवाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कीचड़ व गंदगी से बीमारियां फैलने का भी खतरा मंडरा रहा है।
भंवर सिंह भाटी
खुद के पैसों से डाल रहे मिट्टी
सड़क नहीं बनी होने से मार्ग से गुजरते समय मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के अभाव में कंकड़ पत्थर से गिरकर चोटिल होते राहगीरों को देखते हुए कई मर्तबा मिट्टी भी डलवाई। ताकि कोई गिरकर चोटिल नहीं हो।
गणेश प्रजापत
सुरक्षा का अभाव
क्षेत्र में रात के समय बंद रहती रोड लाइट से घरों से बाहर निकलने से भी डर लगता है। पुलिस की प्रभावी गश्त के अभाव में रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
विमला देवी
चुनावों के समय ही आते हैं
जनप्रतिनिधियों की ओर से क्षेत्र को लावारिस बनाकर छोड़ दिया गया है। चुनावों के बाद नेता यहां आकर शक्ल भी नहीं दिखाते। विकास कार्यों के बारे में पूछने पर बहाने बनाकर टाल देते हैं।
लक्ष्मी देवी
अधिकारियों को कराया अवगत
जेडीए की ओर से पूर्वी पश्चिमी पाल योजना के तहत स्वीकृत नगरों में मंगलम नगर भी शामिल है। लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। अधिकारियों ने सर्वे करवाकर बाकी कार्य करवाने का आश्वासन दिया है।
राधा शुक्ला, पार्षद
Published on:
20 Nov 2017, 5:04 PM IST
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