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सावधानः ब्याज मुक्त ऋण के नाम पर ठगे जा रहे प्रदेश के किसान, जानिए कैसे

किसानों को अल्पकालीन फसली ऋण के तौर पर दिए जाने वाले ऋण का ब्याज केंद्र व प्रदेश सरकार वहन करती है।

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जोधपुर। प्रदेश के किसानों को 1.50 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण देने का प्रावधान है। किसानों को अल्पकालीन फसली ऋण के तौर पर दिए जाने वाले ऋण का ब्याज केंद्र व प्रदेश सरकार वहन करती है। ऐसे में किसानों को उनकी साख सीमा या 1.50 लाख, जो भी कम हो तक का ब्याज मुक्त फसली ऋण सहकारी बैंकों के माध्यम से दिया जाता है, लेकिन इस ऋण राशि पर सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना के नाम पर वसूली जा रही बड़ी बीमा प्रीमियम राशि से किसानों के लिए यह ब्याज मुक्त ऋण महंगा पड़ने लगा है।

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सहकारी फसली ऋण का बीमा करने के लिए सरकार ने 2018 में किसानों से बीमा प्रीमियम लेकर अनिवार्य रूप से ऋणी किसानों के लिए सहकार जीवन सुरक्षा बीमा योजना शुरू की थी। उस समय इस योजना के तहत प्रति हजार 7.47 रुपए का बीमा प्रीमियम लेकर किसानों को ऋण की बीमा सुरक्षा उपलब्ध करवाई थी। जिसे अब बढ़ाकर 46.61 रुपए प्रति हजार तक कर दिया गया है। इससे किसानों को ब्याज मुक्त ऋण पर सीधा 4.66 प्रतिशत का केवल बीमा प्रीमियम का खर्च चुकाना पड़ रहा है। इसके साथ ही दुर्घटना बीमा, हिस्सा राशि सहित अन्य खर्चे मिलाकर ये खर्च किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाले ऋण की गैर अनुदानित ब्याज दर से ज्यादा पहुंच जाता है। इससे किसान अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

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केस - 1

65 वर्षीय लालाराम डूडी के 93 हजार के ऋण पर 4338.93 रुपए का जीवन सुरक्षा बीमा का प्रीमियम काटा गया है, जो ऋण राशि का 4.66 प्रतिशत है। इसके साथ ही दुर्घटना बीमा प्रीमियम सहित अन्य खर्चे चुकाने के बाद खर्च किसान क्रेडिट कार्ड योजना में लगने वाले ब्याज से भी ज्यादा हो जाएगा।


केस - 2

60 वर्षीय रामुराम के 1.36 लाख के ऋण पर 6368.99 रुपए का सहकार जीवन सुरक्षा बीमा का प्रीमियम काटा गया है, जो ऋण राशि का 4.66 प्रतिशत है। इसके साथ ही दुर्घटना बीमा प्रीमियम सहित अन्य खर्चे चुकाने होंगे।


किसानों से इस वर्ष के वसूले गए बीमा प्रीमियम को वापस लौटाकर, भविष्य में बीमा योजना को स्वैच्छिक किया जाए या खुद सरकार की ओर से बीमा प्रीमियम राशि वहन की जाए ।

- तुलछाराम सिंवर, प्रदेश मंत्री, भारतीय किसान संघ