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18 साल के दिव्यांग बेटे को कंधे पर उठा घूम रहे बुजुर्ग, पढ़िए इनकी दर्दभरी कहानी

पाबूराम सरकारी दिव्यांगता पेंशन का लाभार्थी है, लेकिन केवाइसी नहीं होने के कारण पेंशन बंद हो गई।

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पीपाड़ सिटी। परिस्तियां ना उम्र देखती, ना क्षमता... पीपाड़ सिटी की गलियों में ऐसे हालात से टक्कर लेता नानण गांव निवासी बुजुर्ग गणेशराम देवासी दिखे। पसीने से लथपथ देवासी के कंधे पर उसी का 18 साल का बेटा पाबूराम था। पाबूराम सरकारी दिव्यांगता पेंशन का लाभार्थी है, लेकिन केवाइसी नहीं होने के कारण पेंशन बंद हो गई। अब भौतिक सत्यापन के लिए बैंक तक जाना था। गरीब गणेशराम के पास किराए के वाहन के लिए पैसे नहीं थे। दूसरी ओर सरकार की ओर से ऐसे हालात में सहायता के लिए शुरु सुविधाओं की जानकारी देने वाला भी कोई नहीं था। ऐसे में उसने बेटे को कंधे पर लाद कर केवाईसी के लिए ले जाने की ठानी।

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अब करा सकते हैं मोबाइल से सत्यापन
ऐसे हालात वाले लाभार्थियों को सहायता के बारे में जब राजस्थान पत्रिका ने सामाजिक न्याय अधिकारिता सचिव डॉ. समित शर्मा से सवाल किया तो उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इसी साल ऐसे निशक्त सभी लाभार्थियों के लिए मोबाइल के जरिए फेस रिकॉग्निशन सुविधा शुरु की है। राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन मोबाइल एप के जरिए ऐसे लाभार्थी अपने या परिचित किसी के मोबाइल से भी सत्यापन करा सकते हैं। इसका आधार डेटा से मिलान कर सत्यापन हो सकता है। इसके अलावा ई.मित्र पर भी सुविधा दी गई है। कई मामलों में विभाग खुद भी जाकर सत्यापन कर सकता है।

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वहीं दूसरी तरफ फलोदी के मोखेरी ग्राम पंचायत मोखेरी से नेशनल हाईवे 11 बिठडी को जोड़ने वाली 5 किलोमीटर लम्बी सड़क का डामरीकरण करने की मांग ग्रामीणों ने की है। ग्रामीणों ने बताया जिला कलक्टर को दिए ज्ञापन में मेघवालों की ढाणी, पिलायतों की ढाणी मोखेरी में निवासरत लोगों को सड़क सुविधा दिलाने की की मांग की है। उन्होंने बताया कि 12 सौ से अधिक लोगों की आबादी इस सड़क से जुड़ी है, लेकिन आवगामन के लिए डामरीकृत सड़क मार्ग नहीं है। जिससे आवगामन में बहुत अधिक परेशानी हो रही है। गांव के ठाकरराम, भंवरलाल, जेठाराम, मोहनलाल, भागीरथ, मदनलाल, जानकीलाल, खेमचंद, गोपाल आदि ने कलक्टर को दिए ज्ञापन में सड़क सुविधा दिलाने की मांग की।