
परिसर में गिरे पत्थर। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। जोधपुर-नागौर रोड पर नौ मिल इलाके में पुलिस उपायुक्त मंडोर के कार्यालय पर पत्थरों की बारिश होने से छज्जा, दरवाजा और फर्श क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि उस समय कार्यालय में कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। कार्यालय के पीछे एक खाली प्लॉट में की गई ब्लास्टिंग के कारण पत्थर उछलकर एसीपी कार्यालय पर आ गिरे, जिससे परिसर को भारी नुकसान हुआ। घटना के बाद पुलिस ने दो लोगों को डिटेन किया है।
मंडोर थानाधिकारी शेषकरण ने बताया कि एसीपी कार्यालय के पीछे एक प्लॉट में पहाड़ी बनी हुई है। इस पहाड़ी को मशीनों की मदद से समतल किया जा रहा था। शनिवार रात पत्थरों को तोड़ने के लिए ब्लास्टिंग की गई। ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर उछलकर एसीपी कार्यालय की छत और चौक में जा गिरे।
कार्यालय के चौक में ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पत्थरों की बारिश हुई हो। इससे कार्यालय का छज्जा और कांच का दरवाजा टूट गया, वहीं फर्श पर भी गड्ढे बन गए। छत का एक हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ब्लास्टिंग का काम तुरंत रुकवाया गया। हालात ऐसे हो गए कि कार्यालय में बैठना संभव नहीं रहा। एसीपी कार्यालय के कर्मचारी बाहर ही रहे या अन्य स्थानों से काम करते नजर आए।
एसीपी कार्यालय के पीछे स्थित प्लॉट में मौजूद पहाड़ी को हटाने के लिए ठेकेदार ने ब्लास्टिंग करवाई, लेकिन इस दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई। इसी लापरवाही के चलते एसीपी कार्यालय को भारी नुकसान हुआ। हैरानी की बात यह रही कि अवैध ब्लास्टिंग के दौरान किसी प्रकार का भय भी नजर नहीं आया। घटना के बाद मौके पर काम कर रहे मजदूर भी वहां से भाग निकले। प्लॉट मालिक का अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विक्रम गहलोत निवासी नयापुरा और लक्ष्मण सियोल निवासी दईजर को हिरासत में लिया है। जानकारी के अनुसार ब्लास्टिंग के लिए किसी प्रकार की अनुमति भी नहीं ली गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
Published on:
26 Apr 2026 02:17 pm
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