
Monsoon 2024: दक्षिण मानसून की जोधपुर सहित पश्चिमी राजस्थान से एक सप्ताह बाद विदाई शुरू हो सकती है। हालांकि पाकिस्तान से पश्चिमी हवा शुरू हो चुकी है और एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन की परिस्थितियां भी बन रही हैं, लेकिन बंगाल की खाड़ी में लगातार बन रहे कम दबाव के क्षेत्र की वजह से वायुमण्डल के निचले स्तरों में पूर्वी हवा बह रही है, जो मानसून को पीछे हटने से रोक रही है।
वर्तमान में झारखण्ड और बंगाल की खाड़ी के पास डीप डिप्रेशन बना हुआ है, जो धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़कर मध्यप्रदेश तक आएगा। इससे पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश की संभावना है। इस डिप्रेशन के खत्म होने के बाद एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन पूरी तरह कम होने की उम्मीद है, जिससे मानसून पीछे सरक जाएगा। पश्चिमी राजस्थान से मानसून के लौटने की सामान्य तिथि 17 सितम्बर है। इस बार मानसून लेट जाएगा।
मानसून के समय में बंगाल की खाड़ी में लगातार कम दबाव के क्षेत्र यानी डिप्रेशन बनते रहते हैं, जो पूर्वी दिशा यानी झारखण्ड, बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश होते हुए राजस्थान तक आते हैं। कई बार डिप्रेशन इतने तीव्र होते हैं कि पाकिस्तान चले जाते हैं। इनसे अच्छी बारिश होती है। सितम्बर में पाकिस्तान से आने वाली पश्चिमी हवा के कारण डिप्रेशन की गति धीमी पड़ जाती है, जिससे वे लगातार कम दूरी तय करते हैं। यही मानसून का पीछे लौटना कहलाता है। मानसून के पीछे लौटने से हवा में मौजूद 80-90 प्रतिशत नमी एकदम से कम होकर 40-50 प्रतिशत पर आ जाएगी।
मानसून एक सप्ताह बाद लौटना शुरू कर सकता है। डीप डिप्रेशन के कारण पूर्वी हवाएं प्रभावी होने से एंटी साइक्लोन पूरी तरीके से अभी नहीं बन पा रहा है।
Updated on:
16 Sept 2024 07:28 am
Published on:
16 Sept 2024 07:28 am
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