
रेलवे स्टेशन के बाहर सातों दोस्त। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। ईरानी हमले की वजह से छह दिन तक दुबई में अटके रहने के बाद जोधपुर के सात दोस्त आखिरकार शनिवार रात सकुशल जोधपुर लौट आए। उन्हें देखकर खुशी से परिजन व बच्चों के आंसू निकल आए। रेलवे स्टेशन पर मालाएं पहनाकर सभी का स्वागत किया गया। सभी भाग्यशाली रहे कि इन्हें अबू धाबी से अहमदाबाद के लिए फ्लाइट मिल गई और फ्लाइट रवाना होने के बाद दुबई हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले किए गए। इससे एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त हो गया और विमान सेवाएं बंद कर दी गईं।
लैब संचालक गजेन्द्र महिया का कहना है कि वे अपने दोस्त सीए लक्ष्मी नारायण बेनीवाल, ज्ञानेन्द्र, शिवराम चोयल, प्रकाश खदाव, अशोक कुमार चौधरी व रामसिंह के साथ 23 फरवरी को घूमने के लिए दुबई गए थे। वहां से 28 फरवरी को वापसी के टिकट थे, लेकिन उसी दिन दुबई में हमला कर दिया गया। इससे विमान सेवाएं बंद कर दी गईं और टिकट रद्द कर दिए गए।
होटल में कमरों की बुकिंग भी उसी दिन तक की थी। होटल से चेक आउट करना पड़ा और दूसरी होटल में कमरा लेना पड़ा। ऐसे में दिन दहशत में बीत रहे थे। आखिरकार अबू धाबी से अहमदाबाद के लिए विमान में सात टिकट मिल गए और शुक्रवार को रवाना होकर अहमदाबाद पहुंचे। वहां से ट्रेन में रात को जोधपुर आए। रेलवे स्टेशन से बाहर आते ही परिजन व बच्चे इंतजार करते मिले। उन्हें देखकर आंसू निकल आए। सभी का मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया।
हमलों की वजह से दुबई से एकबारगी विमान सेवाएं बंद कर दी गईं। फिर शुरू हुईं तो टिकट की दरें कई गुना अधिक कर दी गईं। आखिरकार अबू धाबी से अहमदाबाद के लिए एक विमान में सातों टिकट मिल गए। प्रति टिकट 37 हजार रुपए लिए गए।
Updated on:
08 Mar 2026 02:25 pm
Published on:
08 Mar 2026 02:23 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
