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हार्डकोड क्रिमिनल कैलाश मांजू का वायरल हुआ था ऑडियो, झंवर थानाधिकारी पर गिरी गाज, जानें पूरा मामला

राजपासा में एक साल के लिए निरुद्ध करने संबंधी आदेश जारी होने के बाद फरार एक लाख रुपए के इनामी कैलाश मांजू का एक ऑडियो रविवार को सोशल मीडिया में वायरल हुआ था
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जोधपुर। एक लाख के इनामी व हार्डकोर कैलाश मांजू (Kailash Manju) के वीडियो और ऑडियो के वायरल होने के बाद झंवर थानाधिकारी परमेश्वरी को हटा दिया गया है। उन्हें अब महिला थाना पश्चिम में तैनात किया गया है। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर रविदत्त गौड़ ने आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पहले पूनियों की प्याऊ गांव में गोचर भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में ग्रामीणों ने थानाधिकारी परमेश्वरी को हटाने की मांग को लेकर धरना दिया था।

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गौरतलब है कि राजपासा में एक साल के लिए निरुद्ध करने संबंधी आदेश जारी होने के बाद फरार एक लाख रुपए के इनामी कैलाश मांजू का एक ऑडियो रविवार को सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इसमें मांजू ने राजपासा में कार्रवाई को लेकर पुलिस पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई करने और झंवर थानाधिकारी परमेश्वरी व हिस्ट्रीशीटर दिनेश बंबानी में मिलीभगत के आरोप लगाए थे। मांजू ने गत 11 जून को वीडियो वायरल कर चचेरे भाई पर फायरिंग मामले में नामजद आरोपी से थानाधिकारी के मार्फत दो करोड़ रुपए के लेन-देन का आरोप लगाया था।

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ऑडियो में मांजू ने कहा था कि उस पर 42 मामले दर्ज हैं। 18 मामलों में वह बरी हो चुका है। भंवरीदेवी प्रकरण के आरोपियों को कोर्ट परिसर से भगाने में उस पर 50 हजार रुपए का इनाम था। हाईकोर्ट ने उसे बरी कर दिया था। भाई राकेश मांजू पर फायरिंग में दिनेश बंबानी नामजद है, लेकिन वो खुला घूम रहा है। मैंने वीडियो वायरल किया तो पकड़ने के लिए टीमें पीछे लगा दी। मांजू ने कहा कि वह और दिनेश बंबानी चौहाबो थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। नियम के तहत तीस माह में उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। न ही किसी मामले में सजा मिली। बंबानी के खिलाफ अगस्त में एफआइआर दर्ज है। सजा भी हुई थी। फिर भी पुलिस ने बंबानी से मिलीभगत कर मांजू के खिलाफ राजपासा में निरुद्ध करने का आदेश जारी करवा दिया था। बंबानी को पुलिस की शह मिली हुई है। वह पुलिस के लिए दूध देने वाली गाय है।