
Jodhpur News: धवा गांव के एक परिवार ने घर के एक सदस्य की मृत्यु के बाद भोज नहीं करके समाज सुधार एवं शिक्षा के लिए एक लाख ग्यारह हजार रुपए भेंट कर मिसाल पेश की है। घर-परिवार में किसी सदस्य की मौत के बाद शोक सभा व गंगा-प्रसादी में अफीम, डोडा की मनुहार में लाखों रुपए बर्बाद हो जाते है। गंगा प्रसादी के साथ ही नशे की वस्तुओं को बंद करके इस राशि को सामाजिक सरोकार में लगाकर इस परिवार ने समाज को अच्छा संदेश दिया है।
जोधपुर के धवा गांव के पटेल (पौण) परिवार ने अपने परिवार में सदस्य की मौत के बाद मृत्युभोज नहीं करके समाज सुधार एवं शिक्षा के लिए एक लाख ग्यारह हजार रुपए का चेक विद्यालय संचालक को भेंट किया। इस सराहनीय कदम की ग्रामीणों ने प्रशंसा की है। शिक्षक भंवरलाल सुथार ने बताया कि हाल में ही पोलाराम, कलाराम फौजी, हनुमानराम गोकुलराम फौजी की माता झमकू देवी का निधन हो गया।
अपनी मां की स्मृति में उनके चारों पुत्रों ने समाज सुधार के लिए एक नई पहल की। 12 दिन तक शोक सभा में अफीम डोडे की मनुहार नहीं गई। इस परिवार ने धवा के एक विद्यालय के विकास के लिए 1,11,000 रुपए का चेक प्रदान किया। उनकी इस पहल की गांव मेंं सराहना की जा रही है। इस दौरान मौसर जैसी सामाजिक कुरीतियों के साथ नशा मुक्ति के लिए उठाए गए इस कदम को आगे गति देने के लिए उपस्थित समाज के अन्य लोगों से भी आग्रह किया गया।
Updated on:
22 Sept 2024 08:30 am
Published on:
22 Sept 2024 08:30 am
