
Jogaram Patel: जोधपुर में बोलते हुए मंत्री जोगाराम पटेल (फोटो-पत्रिका)
जोधपुर। राजस्थान की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शुक्रवार को जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस में उन्हें धीरे-धीरे किनारे किया जा रहा है। इसी वजह से वे लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे वे राजनीतिक चर्चा में बने रहें। उन्होंने दावा किया कि गहलोत के आरोपों का वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं है।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जोगाराम पटेल ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए हैं। उनके अनुसार, पिछली कांग्रेस सरकार के मुकाबले अपराधों में 18 से 36 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और वारंटियों को तलाशकर जेल भेजा जा रहा है।
पटेल ने बजरी माफिया, भूमाफिया और जल माफिया पर कार्रवाई का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार कानून के राज के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में किसी मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने नहीं आए हैं।
मंत्री ने कहा कि जिनके शासनकाल में कन्हैयालाल हत्याकांड जैसी घटनाएं हुईं, वे आज कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत का नजरिया पूरी तरह नकारात्मक हो चुका है। यदि वे रचनात्मक सुझाव देंगे तो सरकार उनका स्वागत करेगी, लेकिन केवल राजनीतिक बयानबाजी से जनता का भला नहीं होगा।
उन्होंने शिक्षा विभाग में तबादलों में कथित लेन-देन को लेकर गहलोत के पुराने बयान का भी जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
आगामी पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर जोगाराम पटेल ने विश्वास जताया कि भाजपा विकास कार्यों के आधार पर जनता के बीच जाएगी और पूर्ण बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है और इसका सकारात्मक असर चुनाव परिणामों में दिखाई देगा।
जेन-जी और युवाओं के मुद्दे पर बोलते हुए पटेल ने कहा कि कांग्रेस नई पीढ़ी की सोच को समझने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया, जबकि कांग्रेस ने इसका विरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा महिलाओं और युवाओं को नेतृत्व में अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि कांग्रेस का रिकॉर्ड इसके विपरीत रहा है।
इससे पहले मीडिया से बातचीत में अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सुशासन की जगह कुशासन का माहौल है। गहलोत ने कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, आरजीएचएस, भ्रष्टाचार और सरकारी विभागों में भुगतान जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा था कि आम जनता सरकार के कामकाज से परेशान है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यवस्था में सुधार करने की अपील भी की थी।
Updated on:
01 Aug 2026 04:15 pm
Published on:
01 Aug 2026 04:15 pm
