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जोधपुर के इन बच्चों के हैं आपराधिक शौक, मौज-मस्ती के लिए करते हैं एेसे क्राइम

जोधपुर के ये तीन बच्चे आपराधिक शौक रखते हैं। अपने शौक के चलते ना जाने अब तक कितने अपराध कर चुके हैं। जानें कैसे अपराधों का ये शौक रखते हैं...
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नई दिल्ली

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Nidhi Mishra

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Updated: 16 Aug 2016, 12:57 PM IST

juvenile

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शिप हाउस व मीरासी कॉलोनी के तीन बच्चे। उम्र चौदह व पन्द्रह साल। पढ़ाई नहीं करते हैं, लेकिन शौक-मौज व मस्ती पूरी करते हैं। इसके लिए तीनों रात में दुपहिया वाहन चुराते हैं और मौजमस्ती करने के बाद गाड़ी लावारिस छोड़ कर दूसरी चुरा लेते हैं। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से सदर बाजार थाना पुलिस के हत्थे चढऩे वाले तीन किशोरों से जांच में यह तथ्य सामने आया है। इनके कब्जे से चोरी की एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।

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थानाधिकारी गौतम डोटासरा के अनुसार सुनारों का बास निवासी केतनकृष्ण पुत्र कुशल करण की मोटरसाइकिल गत 10 अगस्त की रात घर के बाहर से चोरी हो गई थी। चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। वारदात स्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखने पर तीन बच्चे मोटरसाइकिल चुरा कर ले जाते हुए नजर आए। हुलिये के आधार पर तलाश शुरू की गई।

इस बीच रविवार को चोरी की इसी मोटरसाइकिल के साथ घूम रहे तीनों बाल अपचारियों को संरक्षण में लिया गया। वहीं चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। किशोर न्यायालय के मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने पर तीनों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। कार्यवाही में एसआई लादूराम, कांस्टेबल पाबूसिंह व रोहिताश शामिल थे।

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एक में पेट्रोल नहीं था तो दूसरे का लॉक नहीं खुला

पुलिस का कहना है कि आरोपी मास्टर-की से सूनी खड़ी मोटरसाइकिल का ताला खोलते हैं। वे रात को घर से निकलते हैं और वारदात को अंजाम देते हैं। अंधेरे में किसी भी वाहन या अन्य की लाइट होते ही मोटरसाइकिल छोड़ कर अनजान बन छुप जाते हैं। दस अगस्त की रात तीनों ने सुनारों का बास व घोड़ों का चौक में सुनसान खड़ी तीन मोटरसाइकिलों पर हाथ आजमाए थे। एक बाईक का ताला नहीं खुला तो दूसरी में पेट्रोल नहीं था। आखिर में केतन की बाइक चुराई थी।

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दो-तीन बाइक चुरा कर छोड़ी

पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी अब तक तीन-चार मोटरसाइकिलें चुरा चुके हैं। दो-तीन मोटरसाइकिलें मौज-मस्ती के बाद कहीं पर लावारिस छोड़ दी थीं।