
ओपी राजभर के इस बयान पर कांग्रेस ने ली चुटकी
Supriya Shrinate Tweet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विधान परिषद (MLC) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को दोनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने कहा कि वाराणसी में पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया है, आम जनता ने नहीं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
दरअसल, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने ओपी राजभर के बयान को लेकर तंज कसते हुए BJP पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि BJP के सहयोगी राजभर का कहना है कि वाराणसी में पार्टी इसलिए हारी, क्योंकि इन चुनावों में सिर्फ पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया। सुप्रिया श्रीनेत ने इस बयान को व्यंग्यात्मक अंदाज में साझा करते हुए आखिर में लिखा, “क्या बात है!” उनके इस पोस्ट को वाराणसी में BJP की हार और राजभर के बयान पर कांग्रेस की चुटकी के तौर पर देखा जा रहा है।
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने BJP उम्मीदवार प्रमोद कुमार मिश्रा को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी। वहीं, वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के आशुतोष सिन्हा ने 50,529 वोट हासिल किए और BJP उम्मीदवार केदारनाथ सिंह को शिकस्त दी। इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में BJP को दोनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।
ओपी राजभर ने इस नतीजे को आम चुनावों से अलग बताते हुए कहा कि MLC चुनाव में पढ़े-लिखे मतदाता वोट करते हैं, जबकि विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में आम मतदाता हिस्सा लेते हैं। उनका तर्क था कि विधान परिषद के इन चुनावों के नतीजों के आधार पर विधानसभा चुनावों का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। राजभर ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के पुराने शासन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने लंबे कार्यकाल में दलितों, पिछड़ों और गरीबों के अधिकारों की अनदेखी की।
वाराणसी और महाराष्ट्र के नागपुर में BJP को मिले झटकों के बाद कांग्रेस ने भी पार्टी पर निशाना साधा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दूसरों को उपदेश देने के बजाय BJP को अपने प्रदर्शन पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने वाराणसी में BJP की हार और नागपुर में कांग्रेस की जीत का उल्लेख करते हुए महंगाई, बेरोजगारी और निवेश जैसे मुद्दे भी उठाए।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वाराणसी के MLC नतीजों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। BJP जहां इन चुनावों और विधानसभा चुनावों के मतदाता वर्ग में अंतर का तर्क दे रही है, वहीं विपक्ष इन नतीजों को सरकार और BJP के लिए राजनीतिक संदेश के रूप में पेश कर रहा है।
Updated on:
29 Oct 2026, 5:37 PM IST
Published on:
29 Oct 2026, 5:36 PM IST
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