
जोधपुर। हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत काफी शुभ और पुण्यकारी माना जाता है। सालभर में 24 एकादशी पड़ती है। ऐसे में हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष को एक-एक एकादशी पड़ती है, लेकिन इस साल अधिक मास होने के कारण 2 एकादशी बढ़ गई है। अधिक मास में पड़ने वाली एकादशी का विशेष महत्व है, क्योंकि यह तीन साल में एक बार आती है। किला रोड महादेव अमरनाथ के पं कमलेशकुमार दवे के अनुसार अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 11 अगस्त को सुबह 5:06 बजे शुरू होगी और 12 अगस्त सुबह 6:31 बजे पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार एकादशी का व्रत 11 अगस्त को रखा जाना चाहिए, लेकिन तिथि क्षय होने के कारण परमा एकादशी का व्रत 12 अगस्त को रखा जाएगा।
परमा एकादशी शुभ मुहूर्त
पं अनीष व्यास के अनुसार अधिक मास या पुरुषोत्तम मास में कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को परमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। परमा एकादशी तिथि 11 अगस्त शुक्रवार को सुबह 5:06 बजे से शुरू होगी और 12 अगस्त शनिवार को सुबह 6:31 बजे एकादशी तिथि का समापन होगा।
परमा एकादशी का महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार जब इस व्रत को कुबेर ने किया था तो भगवान शंकर ने प्रसन्न होकर उन्हें धनाध्यक्ष बना दिया था। इतना ही नहीं, इस व्रत को करने से सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र को पुत्र, स्त्री और राज्य की प्राप्ति हुई थी। इसके अलावा परमा एकादशी व्रत में स्वर्ण, विद्या, अन्न, भूमि और गोदान का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा करने से व्यक्ति को धन-धान्य की कोई कमी नहीं होती।
Published on:
09 Aug 2023 09:44 am
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