
जयकुमार भाटी, जोधपुर। शहर में जुबली कोर्ट यानी कोर्ट के हेरिटेज भवन का निर्माण करवाने वाले महाराजा सर प्रताप सिंह को शहरवासी न्याय का देवता मानते हैं। ऐसी मान्यता है कि इनके समक्ष फाइल रखने पर कोर्ट में अटके फैसले भी जल्द पूरे हो जाते हैं। कचहरी परिसर में लगी सर प्रताप की आदमकद प्रतिमा के समक्ष जज, वकील, पुलिस, पीड़ित व्यक्ति और जिला प्रशासन से जुड़े लोग न्याय की गुहार लगाने आते हैं। न्यायालय में लंबे समय से केस पेंडिंग होने पर वकील और पीड़ित यहां आकर फाइल रखते हैं और जल्द फैसला आने पर प्रसाद भी चढ़ाते हैं।
जोधपुरी कोट किया इजाद
जोधपुर राजघराने के एकमात्र व्यक्ति सर प्रताप हैं, जिनकी हर रोज दिन में दो बार आरती होती है। सर प्रताप पर आरती भी बनाई गई है। वे ब्रिटिश भारतीय सेना के अधिकारी भी रहे और कई युद्धों में भाग लिया। सर प्रताप ने विश्वभर में प्रसिद्ध जोधपुरी कोट इजाद किया था। उनकी प्रतिमा पर सर्दी में कोट पहनाया जाता है। सर प्रताप ने जोधपुर में कई ऐतिहासिक इमारतों का निर्माण करवाया जिनमें कचहरी परिसर भी है।
सिगरेट, शराब का चढ़ता प्रसाद
कचहरी परिसर में संचालित हो रहे संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, पुलिस उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, जिला प्रमुख, तहसील कार्यालय से लेकर अनेक सरकारी कार्यालय के कार्मिक अपने दफ्तर में जाने से पहले यहां सर प्रताप का आशीर्वाद लेकर अपना काम शुरू करते हैं। सर प्रताप को प्रसाद के रूप में शराब, सिगरेट, फूल मालाएं और अगरबत्ती चढ़ाई जाती है।
Published on:
26 Aug 2023 12:33 pm
