
मृतक महेन्द्र राठौड़
- राना के प्रेसिडेंट के प्रयास से पहुंचेगा शव
जोधपुर।
जोधपुर के युवक महेन्द्र की अफ्रीकी देश कांगो में मौत के बाद उसके शव को घर लाने की कवायद अब अंतिम चरण में है। परिवार के लोगों की मांग पर कांगो में ही उसका पोस्टमार्टम करवाया गया। जिसमें हत्या का कोई एंगल नहीं मिला है। अब तीन दिन के भीतर शव को भारत भेज दिया जाएगा।
राना के प्रेसिडेंट प्रेम भंडारी ने बताया कि इस मामले में लगातार विदेश मंत्रालय में सचिव इकोनॉमिक रवि दामू से सम्पर्क में हैं। इस शव को काफी पहले ही भारत भेजने की तैयारी हो चुकी थी, लेकिन परिवार की ओर से 24 अक्टूबर को पोस्टमार्टम की डिमांड होने पर अस्पताल में करवाया गया। अब इसकी रिपोर्ट आ चुकी और इसमें हार्ट अटैक से मौत होना सामने आया है। भंडारी ने बताया कि अब तीन दिन में शव को भारत भेजने का प्रयास किया जाएगा। भंडारी ने विदेश मंत्रालय में सचिव रवि दामू से मेडिकल बिल व अन्य भुगतान आईसीडब्ल्यू फंड से करने के लिए मांग की है, जिससे कि शव को जल्द भारत भेजा जा सके।
बाड़मेर के युवक का भिजवाया था शव
भंडारी ने इससे पहले बाड़मेर की एक युवा की कांगो में ही मृत्यु के बाद रूमा देवी के आग्रह पर शव बाड़मेर भिजवाया थl पिछले महिने अब फिर इसी देश में एक बार फिर शव भारत लाया जा रहा है।
यह था मामला
जोधपुर के प्रताप नगर क्षेत्र में रहने वाले महेन्द्र राठौड़ की 19 अक्टूबर को अफ्रीकी देश कांगो में मौत हो गई थी। उसकी 10 दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उसके पिता रमेश राठौड़ व अन्य परिजन ने उसके शव को भारत लाने के लिए उस कंपनी से गुहार लगाई, जिसमें महेन्द्र काम करता था। कंपनी प्रबंधन ने खर्च ज्यादा होने की वजह से शव को भेजने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भंडारी को परिवार के लोगो ने गुहार लगाई थी।
Updated on:
29 Oct 2024 09:18 pm
Published on:
29 Oct 2024 09:18 pm
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