
फैक्ट्री में कपास की तौल कराते किसान (फोटो-पत्रिका)
देणोक। क्षेत्र में हाल ही में हुई बारिश जहां मूंगफली, ग्वार, मूंग, मोठ और बाजरा जैसी खरीफ फसलों के लिए वरदान साबित हुई, वहीं कपास किसानों के लिए नुकसानदेह रही। बारिश के बाद कपास में नमी बढ़ने से बाजार में इसके भाव अचानक गिर गए, जिससे किसानों में निराशा छा गई है।
तीन दिन पहले तक कपास की दर 83-84 रुपए प्रति किलो थी, जो अब घटकर करीब 79 रुपए प्रति किलो रह गई है। कपास की लेबोरेटरी क्वालिटी पहले 40 सैंपल अंक तक पहुंच रही थी, लेकिन नमी बढ़ने से सैंपल अंक घट गए, जिसके चलते व्यापारियों ने भाव कम कर दिए।
मोरिया-देणोक सरहद स्थित कपास फैक्ट्री में अपनी उपज बेचने पहुंचे किसानों ने बताया कि पिछले दिनों अच्छे भाव मिलने की उम्मीद में उन्होंने हरियाणा और पंजाब से मजदूर बुलाकर कपास निकलवाई थी, लेकिन बारिश के बाद कीमतों में गिरावट आने से अब मजदूरी का खर्च निकालना भी कठिन हो गया है। कपास का रेट 4-5 रुपए गिर गया है।
कपास फैक्ट्री के संचालक पूराराम चौधरी ने बताया कि बारिश से फसल में नमी बढ़ने के कारण व्यापारियों ने बाजार दरें घटा दीं। हमने किसानों से माल उच्च दर पर खरीदा था, अब दरें कम होने से हमें भी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
'कपास के अच्छे भाव निकलने पर हमने हरियाणा, पंजाब व अन्य राज्यों से श्रमिकों के दल को बुलवाया और उनसे आनन-फानन में कपास को निकलवाया जिससे अच्छे भाव मिल सके। लेकिन कपास का अचानक रेट कम होने से अब मजदूरी निकलना कठिन हो गया है।' -पपुराम माली, किसान
Updated on:
12 Oct 2025 05:45 pm
Published on:
12 Oct 2025 05:45 pm
