
मृतका चंपा देवी और आरोपी पड़पोता। फोटो पत्रिका
Rajasthan Crime News : जोधपुर ग्रामीण के ओसियां थानान्तर्गत चेराई गांव से 18 दिन पहले लापता वृद्धा के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। ऑनलाइन जुआ खेलने की लत में रिश्ते में पड़पोते ने घर आई पड़दादी की हत्या कर सोने के जेवर व 35 सौ रुपए लूट लिए थे। शव को मकान के पीछे खेत में दबा दिया था। पुलिस ने बिहार के पटना रेलवे स्टेशन से आरोपी पड़पोते को गिरफ्तार कर निशानदेही से मंगलवार को शव बाहर निकलवाया और मौके पर ही पोस्टमार्टम करवाया गया।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) नारायण टोगस ने बताया कि चेराई गांव में ईसरवालों की ढाणी निवासी चम्पा (72 वर्ष) पत्नी जोराराम बिश्नोई गत 11 अक्टूबर की दोपहर 12 बजे लापता हो गई थी। वो पड़ोस की ढाणी में परिचित के घर गई थी, लेकिन वापस घर नहीं आई थी। पुत्र मांगीलाल ने ओसियां थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इस मामले में ईसवरवालों की ढाणी निवासी अक्षय (20 वर्ष) पुत्र हप्पाराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को संदेह होने के बाद से वह फरार हो गया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) भोपालसिंह लखावत, उपाधीक्षक शंकरलाल व थानाधिकारी राजेन्द्र चौधरी के निर्देशन में साइबर सैल के एएसआइ राजूराम, पुखराज व दयालसिंह ने तलाश के बाद बिहार के पटना रेलवे स्टेशन से अक्षय को पकड़ा और जोधपुर लेकर आए।
थानाधिकारी राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि हत्या व जेवर लूटने के बाद शव को पीछे छपरे के नीचे छिपा दिया था। फिर रात को मौका पाकर उसने खेत में ही गड्ढा खोदा था और उसमें शव दबा दिया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही से शव बाहर निकलवाया और मौके पर ही बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम करवाया। इस दौरान भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
एएसपी (ग्रामीण) भोपालसिंह लखावत ने बताया कि मृतका चम्पादेवी के गले में सोने की कंठी, नाक में सोने का भंवरिया, कानों में सोने के टॉप्स, हाथ में चांदी का चूड, पांव में चांदी की कड़ियां पहनी हुईं थी। वृद्धा के पास जेब में सोने की रखड़ी व 35 सौ रुपए भी थे। 11 अक्टूबर की दोपहर वो दूर के रिश्तेदार हप्पाराम के घर मिलने गई थी, लेकिन हप्पाराम की पत्नी बाहर गई हुई थी। पुत्र अक्षय अकेला ही था। जिसे ऑनलाइन जुए की लत है। जुए में दांव लगाने के लिए उसे रुपए की जरूरत थी।
वृद्धा को सोने के जेवर पहने देख उसकी नीयत खराब हो गई थी। उसने वृद्धा को बिठाया व सरिए से सिर पर दो-तीन वार किए थे। जिससे उसकी मौत हो गई थी। उसके सभी जेवर व रुपए लूट लिए।
कमर में दर्द होने से वृद्धा ज्यादा दूर तक पैदल चलने में असमर्थ थी। इसलिए पुलिस व परिजन को आस-पास गायब होने और जेवर लूटने के इरादे से हत्या की आशंका हुई थी। डॉग स्क्वॉयड व एसडीआरएफ बुलाकर नहर में तलाश कराई गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा था।
19 अक्टूबर को साइबर टीम के कांस्टेबल पुखराज, दयालसिंह व अशोक कुमार ने अक्षय को पकड़कर मोबाइल चेक किया। इस दौरान अक्षय गायब हो गया था। मोबाइल में काफी डाटा डिलीट होना पाया गया। इसे रिकवर करने पर मृतका के सोने का भंवरिये का फोटो मिला।
संदेह पुख्ता होने पर अक्षय की तलाश की गई, लेकिन वह भाग गया। वह ट्रेन से दूसरे राज्य में चला गया था। वह ऑनलाइन डिलीवरी बॉय से खाना मंगवाकर खा रहा था। पुलिस ने अबोहर, अम्बाला, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ तक उसका पीछा भी किया, लेकिन वह पहले ही गायब हो जाता। आखिरकार उसे पटना में पकड़ लिया गया।
Updated on:
29 Oct 2025 01:02 pm
Published on:
29 Oct 2025 12:52 pm
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