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Rajasthan LDC Result 2017: कनिष्ठ लिपिक पद का परीक्षा परिणाम जारी, यहां देखें सफल अभ्यर्थियों की पूरी सूची

Rajasthan LDC Result 2017: कनिष्ठ लिपिक पद पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है।

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LDC JOBS 2017

जोधपुर।

राजस्थान हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अदालतों व विधिक सेवा प्राधिकरण में कनिष्ठ लिपिक पद पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से सोमवार को परिणाम जारी किया गया।

इसके सामान्य श्रेणी में चयन के लिए पुरुष वर्ग के कट ऑफ अंक 259.05, महिला वर्ग के लिए 257.49 व नि:शक्त श्रेणी के लिए 244.91 रहे। अनुसुचित जाति वर्ग में कट ऑफ पुरुष के लिए 241.78, महिला के लिए 241.71 व नि:शक्त श्रेणी के लिए 241.19 अंक रहे हैं।


LDC परीक्षा परिणाम के सफल अभियर्थियों की सूची देखने के लिए यहां करें CLICK

इसी तरह एसटी वर्ग में कट ऑफ पुरुष के लिए 222.49, महिला के लिए 222.52 व नि:शक्त श्रेणी के लिए 223.87 अंक रही है। ओबीसी वर्ग में कटऑफ पुरुष के लिए 255.13, महिला के लिए 252.81 व नि:शक्त श्रेणी के लिए 244.91 अंक घोषित किए गए हैं।

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... और इधर कनिष्ठ अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने पर लगी रोक
राजस्थान हाईकोर्ट ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के एकलपीठ के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नन्द्राजोग व न्यायाधीश आरएस झाला ने अपीलार्थी नैनाराम व अन्य की ओर से एकलपीठ के आदेश को चुनौती देने वाली एक अपील याचिका विचारार्थ स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया।

वरिष्ठ अधिवक्ता महेन्द्रसिंह सिंघवी ने अपीलार्थी की ओर से पैरवी करते हुए तर्क दिया कि अपीलार्थी पूर्व में प्रयोगशाला सहायक के पद पर नियुक्त हुए थे। वे जूनियर इंजीनियर के पद की योग्यता रखते थे। राज्य सरकार ने प्रयोगशाला सहायक के पद समाप्त कर उन्हें तृतीय श्रेणी अध्यापक के पद पर समायोजित कर दिया। बाद में केन्द्र सरकार के सर्व शिक्षा अभियान व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान परियोजना के अंतर्गत उनका चयन किया जाकर उन्हें शिक्षा विभाग में ही कनिष्ठ अभियन्ता के पद पर प्रतिनियुक्ति दे दी गई। अब आठ साल तक कार्य करने के बाद राज्य सरकार ने उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए उन्हीं पदों पर पुन: भेजने का आदेश दे दिया।

अपीलार्थी की ओर से तर्क दिया गया कि उनका चयन केन्द्र सरकार की स्कीम के तहत कनिष्ठ अभियंता के पद पर किया गया था और जब स्कीम जारी है तो उनकी प्रतिनियुक्ति कैसे समाप्त की जा रही है। इस बारे में एकलपीठ ने अपीलार्थी की याचिकाएं यह कह कर अस्वीकार कर दीं कि प्रतिनियुक्ति पर रहने का उन्हें कोई अधिकार नहीं था।