
मृतक महेन्द्र राठौड़ जिसका शव कांगो से लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जोधपुर के युवक की अफ्रीकी देश कांगो में मौत के बाद पत्रिका की पहल पर उसके शव को स्वदेश लाने की मुहिम तेज हो गई है। परिवार के लोगों ने इसके लिए प्रशासन से गुहार लगाने के साथ ही राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमरीका यानि राना के प्रेसिडेंट प्रेम भंडारी से भी गुहार लगाई। इसके बाद कांगो में भारतीय उच्चायुक्त से बात की है। भारतीय उच्चायुक्त ने शव को भारत लाने में मदद का आश्वासन दिया है। भंडारी ने पिछले महीने बाड़मेर के एक युवक की कांगाे में मौत के बाद शव को भारत लाने में भूमिका निभाई थी।
गौरतलब है कि प्रताप नगर क्षेत्र में रहने वाले महेन्द्र राठौड़ की 19 अक्टूबर को अफ्रीकी देश कांगो में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसे 10 दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उसके पिता रमेश राठौड़ व अन्य परिजन ने उसके शव को भारत लाने के लिए उस कंपनी से गुहार लगाई, जिसमें महेन्द्र काम करता था। कंपनी प्रबंधन ने खर्च ज्यादा होने की वजह से शव को भेजने से इनकार कर दिया और उसी देश में अंतिम संस्कार की बात कही। इसके बाद परिवार के लोगों ने जिला प्रशासन, विदेश मंत्रालय व राना भारतीय उच्चायुक्त से सम्पर्क किया।
भंडारी करेंगे मदद
भंडारी ने राजस्थान पत्रिका से बातचीत में बताया कि उन्होंने इंडियन हाई कमिशन डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो से सम्पर्क किया है। इस पर उच्चायोग ने आईसीडब्ल्यूएफ के तहत जल्द शव को भारत पहुंचाने की बात कही है। इंडिया इन डीआर कांगो एक्स पर जानकारी दी कि महेन्द्र का निधन 19 अक्टूबर को हुआ है। किंशासा िस्थत भारतीय दूतावास सभी आवश्यक कदम उठा रहा है और पार्थिव शरीर को शीघ्र वापस भारत भेजने के लिए सहायता कर रहा है।
भंडारी को मिली मेडिकल रिपोर्ट
राना प्रेसिडेंट भंडारी ने बताया कि उनको कांगो देश से मेडिकल रिपोर्ट मिल गई है। इसमें प्रारंभिक तौर पर हत्या होने की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी आगे जांच होने पर पूरा खुलासा होगा।
Updated on:
22 Oct 2024 11:02 pm
Published on:
22 Oct 2024 08:19 pm
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