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गजब: बच्चों ने पहले आंखों पर बांधी पट्टी, फिर भी पढ़ लिया कार्ड पर लिखा नंबर, जानिए कैसे हुआ ये चमत्कार

नवजीवन संस्थान के संचालक राजेन्द्र परिहार और समाजसेवी हस्तीमल सारस्वत की मौजूदगी में डॉ. श्वेता सारस्वत और उनकी टीम ने बच्चों को कई तरह की एक्सरसाइज करवाई
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जोधपुर। नवजीवन संस्थान की ओर से संचालित लवकुश गृह (अनाथालय) में आयोजित कार्यक्रम में बच्चापंती के बच्चों ने हैरतंगेज प्रस्तुतियां देकर सभी को आश्चर्यचकित किया। अमरीका में बच्चापंती को संचालित करने वाली जोधपुर निवासी निदेशक डॉ. श्वेता सारस्वत ने जोधपुर प्रवास के दौरान लवकुश गृह के बच्चों को मेडिटेशन व ब्रेन योग के माध्यम से माइंड को शार्प बनाने के बारे में बताया।

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नवजीवन संस्थान के संचालक राजेन्द्र परिहार और समाजसेवी हस्तीमल सारस्वत की मौजूदगी में डॉ. श्वेता सारस्वत और उनकी टीम ने बच्चों को कई तरह की एक्सरसाइज करवाई। ऐसे में बच्चापंती की छात्रा मिष्टी व अद्विता ने अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर हर वस्तु और सामने खड़े हर व्यक्ति की पहचान बताई। वहीं कार्ड में अंकित नाम तथा नंबर को बताया। यह देखकर लवकुश गृह के बच्चे उत्साहित हुए।

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बच्चापंती के फाउंडर ललित गर्ग व निदेशिका डॉ. श्वेता सारस्वत ने बताया कि बंद आंखों पर पट्टी बांधकर सामने की वस्तुओं को देखना कोई जादू या चमत्कार नहीं हैं, बल्कि यह विज्ञान पर आधारित गुरुकुल शिक्षा पद्धति हैं, जिसे योग और मेडिटेशन के जरिए सिखाया जाता हैं। उन्होंने बताया की यह पद्धति 4 से 15 वर्ष तक के बच्चों को सिखाई जाती हैं। इस पद्धति के जरिए आंखों पर पट्टी बांधकर दूसरे व्यक्ति का दिमाग पढ़ने, दीवार के आरपार देखने, अखबार पढ़ने और सुई में धागा पिरोने आदि में महारथ हासिल कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि हर माता पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा बुद्धिमान और क्रिएटिव हो। इसके लिए कई तरह के मेडिटेशन से लेकर काफी प्रयास करने होते है। हमारी अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्था बच्चों के ब्रेन को डवलप करने का काम कर रही हैं।