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धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का मामला: हाईकोर्ट ने अनुसंधान पर उठाए सवाल, लड़की को भेजा नारी निकेतन

धर्म परिवर्तन कर निकाह करने वाली लड़की को भेजा नारी निकेतन  

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religion conversion matter of woman in Jodhpur

religion conversion matter of woman in Jodhpur

राजस्थान उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास तथा न्यायाधीश मनोज गर्ग की खंडपीठ ने नरपत नगर निवासी एक व्यक्ति द्वारा अपनी बहन के लिए लगाई गई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के दौरान बुधवार को बालिग युवती को 7 नवम्बर तक नारी निकेतन भेजने का आदेश दिया। न्यायाधीश ने प्रतापनगर पुलिस द्वारा किए गए अनुसंधान पर सवाल उठाते हुए कहा कि मात्र 10 रूपए के स्टाम्प पर लिखे शपथपत्र के आधार पर धर्म परिवर्तन कैसे मान लिया गया?

परिवादी के अधिवक्ता नीलकमल बोहरा तथा निलेश बोहरा ने कोर्ट को इस बात की ओर ध्यान आकर्षित किया कि तथाकथित धर्म परिवर्तन के लिए लिखे गए स्टाम्प पर गवाहों के हस्ताक्षर फर्जी हैं। तथाकथित निकाह करने वाले फाइज मोदी के अधिवक्ता ने दलील दी कि उसने लड़की से 14 अप्रैल 2017 को मुस्लिम विधि से निकाह कर लिया था। मामले की गम्भीरता को देखते हुए न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास ने पुलिस को धर्म परिवर्तन की विश्वसनीयता को स्पष्ट करने का आदेश देते हुए बालिग युवती को मंगलवार तक नारी निकेतन भेजने का आदेश दिए। खंड पीठ ने धर्मपरिवर्तन करबे बाबत प्रक्रिया, नियम व गाइड लाइन 7 नवम्बर तक मांगी है। तब तक लड़की को नारी निकेतन भेज दिया, जहां उससे दोनो पक्षों के रिश्तेदार नही मिल सकेंगे।

हाईकोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज

राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रतापनगर पुलिस को 25 अक्टूबर 2017 को लड़की के घर से भागकर छह माह पहले ही धर्म परिवर्तन करने व 14 अप्रेल 2017 को मुस्लिम लड़के से विवाह करने के प्रकरण की विश्वसनीयता की जांच करने और एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए मामले की रिपोर्ट बुधवार को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे।

न्यायाधीश जीके व्यास व न्यायाधीश मनोज गर्ग की खंडपीठ ने पाल रोड निवासी चिराग सिंघवी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। याची की ओर से अधिवक्ता नीलकमल बोहरा व गोकुलेश बोहरा ने कहा कि लड़की 25 अक्टूबर तक हिंदू परिवार में रह रही थी। फिर वह छह महीने पहले धर्म परिवर्तन कर विवाह कैसे कर सकती है, यह संदिग्ध मामला है। साथ ही यह एक लव जिहाद जैसा मामला है, लेकिन इस मामले में पुलिस एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है। शहर में अब तक इस तरह के सात-आठ मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस के असहयोग के कारण ऐसे मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। याचिकाकर्ता की बहन के घर से गायब होने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। पुलिस ने कहा था, उसने छह महीने पहले धर्म परिवर्तन कर निकाह कर लिया था।

पुलिस ने पेश किया निकाहनामा

इससे पहले इस मामले में एएजी एसके व्यास के माध्यम से तलब करने पर खंडपीठ में पेश हुए प्रतापनगर पुलिस स्टेशन के सीआई अचल सिंह ने कहा कि कथित गुमशुदा लड़की ने 14 अप्रेल 2017 को धर्म परिवर्तन कर फैज मोदी नामक लड़के से शादी कर ली और पुलिस कमिश्नर के समक्ष पेश हो कर सुरक्षा देने का आवेदन किया है। इसलिए उसके भाई की एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि क्या पुलिस ने इसकी सच्चाई जानने की कोशिश की।