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CG News: नक्सलियों के खौफ से वीरान था ये गांव, BSF कैंप खुलते ही 14 साल बाद वापस लौटे ग्रामीण, देखें Video
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CG News: नक्सलियों के खौफ से वीरान था ये गांव, BSF कैंप खुलते ही 14 साल बाद वापस लौटे ग्रामीण, देखें Video

CG News: कांकेर के कोयलीबेड़ा का माहला गांव एक वक्त नक्सलियों के खौफ के चलते खाली हो गया था। बस्तर में एंटी नक्सल ऑपरेनशन के दौरान कोयलीबेड़ा में बीएसएफ का कैंप स्थापित किया गया।

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CG News: नक्सलियों के डर से कोयलीबेड़ा विकासखंड का माहला गांव एक समय खाली हो गया था। ग्रामीण जमीन जायदाद छोड़कर पखांजूर में शरण ले लिए थे। नक्सलियों के भय से इस गांव में लोग रहने के लिए डरते थे। कैंप बनने के बाद लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी और लोग अब अपने गांव लौट रहे हैं। माहला गांव लौटने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के लिए जिला प्रशासन ने समस्या निवारण कैंप लगाया है।

बता दें कि कलेक्टर के साथ पूरा प्रशासनिक अमला गांव पहुंच रहा है। अतिसंवेदनशील गांव माहला के ग्रामीण अपने बीच कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर को पाकर बेहद उत्साहित व खुश नजर आए।

कलेक्टर नील क्षीरसागर ने दिया भरोसा

कलेक्टर ने कहा कि सरकार आमजनता तक शासन प्रशासन की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने का काम कर रही है। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन दूर दराज के इलाकों में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित कर रही है। समस्या निवारण शिविर में आकर ग्रामीण अपनी बात रख रहे हैं। कलेक्टर ने ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि सुदूर वनांचल क्षेत्र के ग्रामीण अब विकास की मूल धारा से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं.आने वाले दिनों में वे अपने अधिकार से वंचित नहीं रहेंगे।

पुलिस ने गांव में खोला कैंप

इसके बाद, 2015 में पुलिस ने यहां बीएसएफ कैंप स्थापित किया और नक्सलियों के खिलाफ अभियान शुरू किया। इस संघर्ष में 6 जवानों ने शहादत दी, लेकिन पुलिस ने कैंप खोला और लगातार कोशिशों ने नक्सलियों को इलाके से खदेड़ दिया। अब गांव में शांति और खुशहाली लौट आई है, और धीरे-धीरे ग्रामीण अपने घर वापस आ गए हैं।