घटना के समय अन्य मजदूर करीब 20 से 40 मीटर की दूरी पर काम कर रहे थे, इसलिए किसी को हादसे की भनक नहीं लगी। दोपहर में जब रामदेव भोजन करने नहीं पहुंचे तो साथियों ने उनकी तलाश शुरू की। मोबाइल पर शुरुआत में घंटी गई, लेकिन कुछ देर बाद फोन भी बंद हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद कच्चे चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।