11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उदयपुर घटना के बाद पहचान छुपा रहे दावते-इस्लामी के मुस्लिम, हरी की जगह पहन रहे सफेद पगड़ी

UP News: उदयपुर घटना के बाद अब दावते इस्लामी से जुड़े मुस्लिंग सदस्य अपनी पहचान छिपा रहे हैं। हरी की जगह सफेद पगड़ी पहन रहे हैं।

2 min read
Google source verification
photo1658731726.jpeg

दावत-ए-इस्लामी से जुड़े स्थायी सदस्यों ने अब अपनी पहचान छिपानी शुरू कर दी है। इसके लिए हरी पगड़ी की जगह सफेद पगड़ी अपना ली है। यही नहीं, उदयपुर घटना में जिन लोगों के नाम आए थे, वे भी लौट आए हैं और सफेद पगड़ी में नजर आ रहे हैं। पहले दावत-ए- इस्लामी के लोग हरी और सुन्नी दावत-ए-इस्लामी के लोग सफेद पगड़ी बांधते रहे हैं।

सूफी खानकाह एसोसिएशन ने संगठन के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई थीं। एसोसिएशन के प्रमुख कौसर मजीदी को दावत-ए-इस्लामी पाकिस्तान से कई धमकियां मिली थीं जिसकी शिकायत स्थानीय पुलिस प्रशासन से की गई। उदयपुर घटना में दावत-ए-इस्लामी के कानपुर से जुड़े एक सदस्य का नाम सामने आने के बाद लगे आरोपों को बल मिल गया था। हालांकि, जिस जिम्मेदार का नाम सामने आया था, उसकी तलाश हो रही थी पर पता नहीं चल रहा था। अब बताया जा रहा है कि वह फिर शहर लौट आया है। तलाक महल में कारोबार करने वाले इस जिम्मेदार ने अपनी दुकान पर कुछ समय के लिए बैठना भी शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि प्रदेश भर में उसका कारोबार था पर अब शहर में भी नहीं चल पा रहा है। आसपास के लोगों ने दूरियां बना ली हैं।

यह भी पढ़े - इन पांच सालों में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने शहर कानपुर को क्या दी सौगात, निवास की सड़क तक ठीक नहीं करा पाए अफसर

सुन्नी दावत-ए-इस्लामी से रहते थे दूर

दावत-ए-इस्लामी का शहर में वर्चस्व रहा है। इसके सदस्य सुन्नी दावत-ए-इस्लामी से दूरी रखते रहे हैं। अलग-अलग रंग की पगड़ी से इनकी पहचान होती थी पर अब दावत-ए-इस्लामी के सदस्यों ने भी हरी की जगह सफेद पगड़ी बांधनी शुरू कर दी है। अपने बच्चों को भी वे अब हरी पगड़ी नहीं बंधवा रहे हैं।

गुजरात और मुंबई के संपर्क में

दावत-ए-इस्लामी के सदस्य अब गुजरात और मुंबई के जिम्मेदारों के संपर्क में हैं। वहां से जो निर्देश मिल रहे हैं, उनका पालन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कई सदस्य गुजरात और मुंबई गए थे। इस बीच संगठन ने अपने कलेक्शन बॉक्स वापस ले लिए हैं। किसी भी दुकान पर ये बॉक्स नहीं दिख रहे हैं।

यह भी पढ़े - अब गायब मिले शिक्षक या पढ़ाई में लापरवाही तो सीधे इस नंबर पर स्कूल की करिए शिकायत