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कानपुर के कमिश्नर बने असीम अरुण, देश की सुरक्षा में रहा बड़ा हाथ, बनाई थी देश की पहली स्वाट टीम

असीम अरुण 1994 बैच के तेज तर्रार आईपीएस अफसर हैं। हालांकि वो ज्यादा सुर्खियों में नहीं रहे, लेकिन देश की सुरक्षा में असीम का बड़ा हाथ है।
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कानपुर

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Arvind Kumar Verma

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Updated: 27 Mar 2021, 1:25 PM IST

कानपुर के कमिश्नर बने असीम अरुण, देश की सुरक्षा में रहा बड़ा हाथ, बनाई थी देश की पहली स्वाट टीम

कानपुर के कमिश्नर बने असीम अरुण, देश की सुरक्षा में रहा बड़ा हाथ, बनाई थी देश की पहली स्वाट टीम

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. यूपी के कानपुर में कमिश्नर प्रणाली (Commissioner Pranali) लागू होने के बाद असीम कुमार अरुण कानपुर के कमिश्नर (Kanpur Commissioner Aseem Arun) बने हैं। उनका आगमन भी कानपुर में हो गया है। अभी तक वो डायल 112 के एडीजी (Dial-112 ADG) का पदभार संभाल रहे थे। असीम अरुण 1994 बैच के तेज तर्रार आईपीएस अफसर हैं। हालांकि वो ज्यादा सुर्खियों में नहीं रहे, लेकिन देश की सुरक्षा में असीम का बड़ा हाथ है। पूर्व में वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Ex PM Manmohan Singh) के सुरक्षा दल में भी शामिल किए जा चुके हैं। असीम ऐसे आईपीएस अफसर हैं, जिन्होंने देश की पहली स्वाट टीम (स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिस) बनाई थी। तेज तर्रार अफसर रहकर उन्होंने ऐसे सराहनीय कार्य किए कि उन्हें देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सुरक्षा दल में शामिल किया गया।

असीम अरुण के बारे में जानिए

आपको बता दें कि असीम अरुण का जन्म 3 अक्टूबर 1970 को यूपी के कन्नौज जिले में हुआ था। उनके पिता श्रीराम अरुण भी एक आईपीएस अफसर थे। वे उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक भी रहे। उनकी माता शशि अरुण जानी-मानी लेखिका और समाजसेविका हैं। असीम ने शुरुआती शिक्षा लखनऊ के सेंट फ्रांसिस स्कूल से हासिल की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और सेंट स्टीफेंस कॉलेज से बीएससी की डिग्री हासिल की।

यूपी के कई जिलों में रहे तैनात

असीम अरुण यूपी के कई जिलों में तैनात रहे। उन्होंने टिहरी गढ़वाल के अलावा यूपी के जनपद बलरामपुर, हाथरस, सिद्धार्थ नगर, अलीगढ़, गोरखपुर और आगरा में बतौर पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक पद पर अपनी सेवाएं दी। इसके बाद वे कुछ समय के लिए स्टडी लीव पर विदेश चले गए थे। लेकिन लौटकर आने के बाद उन्होंने एटीएस लखनऊ में कार्यभार संभाला। इसके बाद से वो डायल 112 के एडीजी के पद पर तैनात थे।