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किसानों के लिए सस्ते कृषि उपकरण तैयार करेगा आईआईटी कानपुर, होगा ये फायदा

आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक मिलकर खेतीबाड़ी करने वाले कृषि उपकरणों और तकनीक को विकसित करेंगे। जिससे किसानों को कृषि के कार्यों में आसानी हो सकेगी।
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कानपुर

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Jyoti Singh

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Updated: 14 Sep 2022, 2:11 PM IST

कानपुर की भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान (आईआईटी) किसानों के लिए बड़ी तकनीक को विकसित करने के प्रयास में है। इसके लिए आईआईटी के विशेषज्ञ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसएवि) के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर खेतीबाड़ी करने वाले कृषि उपकरणों और तकनीक को विकसित करेंगे। जिससे किसानों को कृषि के कार्यों में आसानी हो सकेगी। साथ ही फसलों की गुणवत्ता, पैदावार और रोगों की निगरानी करने में भी आसान होगी। सोमवार को आईआईटी और सीएसएवि के बीच एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें ये फैसला लिया गया है।

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रक्षा क्षेत्र में कई तकनीकें विकसित

बता दें कि आईआईटी के विशेषज्ञों ने देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य सुरक्षा, कृषि तकनीक और रक्षा क्षेत्र में कई काम किए हैं। वहीं रक्षा क्षेत्र की बात करें तो इस कड़ी में अब तक अत्याधुनिक ड्रोन, जवानों को बर्फीले स्थानों पर गर्म रखने वाली जैकेट, ग्लेशियरों पर ताजे फल और सब्जियां उगाने की तकनीक आदि को विकसित किया जा चुका है। इसके अलावा स्कूल आफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलाजी व सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की भी स्थापना कराई जा रही है।

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उपकरणों को विकसित करने की कोशिश

आइर्आइर्टी के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआइआइसी) में प्रबंधक (बायोटेक) जतिन मिश्रा ने बताया कि खेतीबाड़ी को और आसान बनाने के लिए उपकरणों को विकसित करने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए सीएसए विश्वविद्यालय के इन्क्यूबेशन सेल के साथ वार्ता हो रही है। वहीं सीएसएवि के इन्क्यूबेशन सेल के प्रभारी डॉ. विजय यादव ने बताया कि करार होने के बाद आइर्आइर्टी के विशेषज्ञ संस्थान के कृषि प्रक्षेत्रों में समस्याओं को चिह्नित कर उपकरणों को विकसित करने के लिए तकनीक पर काम करेंगे।