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पराग डेयरी के खो चुके लाइसेंस मामले में मददगार बनेगा केडीए बोर्ड

पराग डेयरी की जमीन की फाइल अभी तक गायब है. ये फाइल न तो केडीए खोज सका है और न ही नगर निगम इसको तलाश सका है. जमीन के कागजात न होने से केडीए से पराग डेयरी के नए प्लांट्स के लिए की बिल्डिंग्स का मैप पास नहीं हो पा रहा है. इस समस्या के हल के लिए मामला केडीए बोर्ड ले जाने की तैयारी हो रही है.
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कानपुर

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Alok Pandey

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Updated: 20 Oct 2018, 1:44 PM IST

Kanpur

पराग डेयरी के खो चुके लाइसेंस मामले में मददगार बनेगा केडीए बोर्ड

कानपुर। पराग डेयरी की जमीन की फाइल अभी तक गायब है. ये फाइल न तो केडीए खोज सका है और न ही नगर निगम इसको तलाश सका है. जमीन के कागजात न होने से केडीए से पराग डेयरी के नए प्लांट्स के लिए की बिल्डिंग्स का मैप पास नहीं हो पा रहा है. इस समस्या के हल के लिए मामला केडीए बोर्ड ले जाने की तैयारी हो रही है. इससे पराग डेयरी को नए प्लांट के संचालन के लिए जरूरी रजिस्ट्रेशन, एनओसी आदि समस्या भी हल हो सके.

अभी भी लटका हुआ है रजिस्ट्रेशन
पराग डेयरी को 60 के दशक तत्कालीन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट से जमीन मिली थी. पराग डेयरी में मिल्क प्लांट सहित अन्य बिल्डिंग का मैप का 90 के दशक में केडीए से पास कराया गया था. करीब तीन वर्ष से बंद पड़े पराग डेयरी में नए मिल्क व पाउंडर प्लांट लगाने के लिए स्टेट गवर्नमेंट से 154 करोड़ रुपए मिले थे.

बनाई जा रही है नए प्‍लांट्स की बिल्‍डिंग
केडीए से कंडीशनल मैप पास कराकर पराग डेयरी में नए प्लांट्स की बिल्डिंग बनाई जा रही है. ये काम अंतिम दौर में है, लेकिन समस्या ये है कि मैप पास न होने के कारण पराग डेयरी का फैक्ट्री एक्ट में रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है. इसके साथ ही कई अन्य डिपार्टमेंट से एनओसी भी नहीं मिल पा रही है. इनके बिना नए प्लांट्स का संचालन नहीं किया जा सकता है.

नहीं पड़ा इसका भी असर
पराग डेयरी के ऑफिसर्स यह मामला प्रमुख सचिव तक ले गए थे. उन्होंने कमिश्नर ऑफिस में केडीए, नगर निगम ऑफिसर्स के साथ जमीन के कागजातों को लेकर बैठक की, पर उनके कड़े तेवरों के बावजूद भी अभी तक नगर निगम व केडीए पराग डेयरी की जमीन के कागजात तलाश नहीं सके.

अब हो रही है ऐसी तैयारी
बिना कागजातों के केडीए पराग डेयरी का मैप भी पास नहीं कर पा रहा है. अब इस मामले को सुलझाने के लिए अगली केडीए बोर्ड में मामला ले जाने की तैयारी हो रही है. इससे पराग डेयरी का मैप पास हो सके. उसे संचालन के लिए जरूरी एनओसी व फैक्ट्री एक्ट में रजिस्ट्रेशन मिल सके.

ऐसा कहना है केडीए सेक्रेटरी का
इस बारे में केडीए सेक्रेटरी केपी सिंह कहते हैं कि केडीए व नगर निगम के काफी प्रयासों के बाद पराग डेयरी की जमीन की फाइल नहीं मिल सकी. पराग डेयरी के ऑफिसर्स भी फाइल उपलब्ध नहीं करा सके है. पर केडीए से पूर्व में पास हुए पराग डेयरी व अन्य कागजातों में दर्ज पराग डेयरी की जमीन के बेस पर केडीए बोर्ड में प्रपोजल ले जाएगा.