
Nagina MP Chandrashekhar Azad in Kanpur UP By Election 2024 नगीना सांसद और भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर ने कहा कि पढ़ेंगे तो आगे बढ़ेंगे। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने भी शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो के विषय में कहा था। इसलिए हम लोग लोगों को जागरुक कर रहे हैं। जिससे अपने छिने हुए अधिकारों को वापस लें। इसलिए हमने नारा दिया है कि पढ़ेंगे तो बढ़ेंगे और साथ-साथ चलेंगे। चंद्रशेखर आज नई दिल्ली से कानपुर पहुंचे। इसके पहले वंदे भारत में हुई पथराव की घटना को लेकर उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने इसे जानकारी का अभाव बताया।
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मुख्यमंत्री मंच पर खड़े होकर हरिजन और गैर हरिजन के विषय में बात करते हैं। पहले वैश्य, ब्राह्मण, ठाकुर फिर जातियों के आधार पर बांटा गया है। जिन लोगों ने व्यवस्था बनाई है। उन्होंने ही बांटा है। मुख्यमंत्री को समाज, प्रदेश, देश से कोई मतलब नहीं है कि उनके बयान का समाज पर क्या असर पड़ रहा है। केवल उनकी पार्टी बढ़ती रहे।
नगीना सांसद ने कहा कि बीजेपी के लोगों ने षड्यंत्र करके पार्टी प्रत्याशी का पर्चा खारिज करवाया है। हम इन चीजों से डरने वाले नहीं है। जहां भी हमारे प्रत्याशी लड़ रहे हैं। दमदारी से लड़ रहे हैं। इस बार आजाद समाज पार्टी का विधायक विधानसभा में जाएगा।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वंदे भारत से कानपुर आते समय बुलंदशहर के पास असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थर फेंका। आगे वाले यात्रियों का शीशा टूट गया और चकनाचूर हो गया। यात्री को चोट भी लगा सकती थी। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं की यह षड्यंत्र का हिस्सा हो। लापरवाही भी हो सकती है। जानकारी का अभाव भी हो सकता है। ऐसे में गांव, स्कूल में बचपन से ही सभी को संवैधानिक अधिकारों के साथ उनके कर्तव्य के विषय में भी जागरूक किया जाए।
सांसद ने कहा कि माता-पिता को भी इस दिशा में अपने बच्चों को बताना चाहिए। रेलवे की संपत्ति देश की संपत्ति है। इसकी सुरक्षा करना देश के हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने अपील कि उनके समर्थक कभी किसी ऐसे कृत्य का हिस्सा ना बने, जिससे देश की संपत्ति का नुकसान हो। रेल मंत्री से अब प्रशासन से उन्होंने इस संबंध में मांग की है।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने जेल में बंद इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी की सीसामऊ उपचुनाव 2024 (UP By Election 2024) में मदद करने के सवाल पर कहा कि उनकी राजनीतिक मजबूरियां हैं। लेकिन अगर उनके परिवार के सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं तो यह जनता को सोचना होगा कि किसी पर जुल्म हो रहा है तो उसकी मदद करनी है या उन्हें अकेला छोड़ना है।
Updated on:
03 Nov 2024 04:47 pm
Published on:
03 Nov 2024 04:46 pm
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
