5 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Kanpur News: ‘बुर्का पहनकर दोस्ती की, फिर रची हत्या की साजिश’, प्रकाश चन्द्र गुप्ता हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा

Blind Murder Case: कानपुर के नवाबगंज में कोचिंग संचालक प्रकाश चन्द्र गुप्ता की हत्या का पुलिस ने 4 दिन में खुलासा कर दिया है। चन्द्र गुप्ता की हत्या उनके ही दोस्त ने की थी। पुलिस ने इस में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

2 min read
Google source verification
Chandra Gupta murder case solved

चन्द्र गुप्ता हत्याकांड का खुलासा (फोटो- पत्रिका)

Blind Murder Case Crack in Kanpur: कानपुर के नवाबगंज क्षेत्र में 30 मई की रात हुई कोचिंग संचालक प्रकाश चन्द्र गुप्ता की हत्या के मामले का पुलिस ने मात्र 4 दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। यह मामला शुरुआत में पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर प्रतीत हो रहा था, लेकिन डीसीपी सेंट्रल के निर्देशन में गठित 10 विशेष पुलिस टीमों ने लगातार काम करते हुए इस गुत्थी को सुलझा लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच को उच्च प्राथमिकता दी गई और हर एंगल पर गहन पड़ताल की गई, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा संभव हो सका।

500 से अधिक CCTV खंगालने पर मिली सफलता

पुलिस जांच में सबसे अहम भूमिका सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की रही। टीमों ने इलाके और आसपास के मार्गों के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्ध गतिविधियों, आवाजाही और समय-रेखा को जोड़कर एक पैटर्न तैयार किया गया। इसके साथ ही मोबाइल सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया गया। इन्हीं सब साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली और धीरे-धीरे पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।

15 साल पुरानी दोस्ती के पीछे छिपा था लालच

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मोहित द्विवेदी (43 वर्ष) मृतक प्रकाश चन्द्र गुप्ता का लगभग 15 वर्ष पुराना मित्र था। दोनों के बीच लंबे समय से परिचय और मेलजोल था, जिससे किसी को भी इस वारदात की आशंका नहीं थी। जांच में सामने आया कि आरोपी की नीयत मृतक के पास मौजूद सोने की चेन और ब्रेसलेट पर थी। इसी लालच ने उसे अपराध की ओर धकेल दिया। पुलिस का कहना है कि यह पूरी वारदात योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई थी और आरोपी ने लंबे समय से इसकी तैयारी कर रखी थी।

बुर्का पहनकर पहचान छिपाने की योजना

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने खुद को पहचान से बचाने और पुलिस को भ्रमित करने के लिए बुर्का पहन पहना था। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए लेडीज बैग, दस्ताने और अन्य सामान का भी इस्तेमाल किया, ताकि किसी को उस पर शक न हो। इसी भेष में वह कोचिंग संचालक के संपर्क में आया और सही मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया और सामान्य जीवन की तरह व्यवहार करता रहा, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच ने उसकी पूरी साजिश को उजागर कर दिया।

सोने की चेन, ब्रेसलेट और अवैध तमंचा बरामद

पुलिस ने आरोपी मोहित द्विवेदी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मृतक की सोने की चेन, ब्रेसलेट, घटना में प्रयुक्त बुर्का, दुपट्टा, दस्ताने, लेडीज़ बैग, अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। सभी वस्तुओं को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी। आरोपी से आगे की पूछताछ की जा रही है ताकि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की भी जांच की जा सके।

पुलिस टीम को पुरस्कार देने की घोषणा

मामले के सफल अनावरण पर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने जांच टीम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी एक ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा होना पुलिस की बड़ी उपलब्धि है। इस सफलता के लिए टीम को ₹50,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है और आरोपी को न्यायालय में पेश कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।