
अखिलेश के विधायक ने सीएम योगी को दी धमकी, नहीं हुई कार्रवाई तो ईंट से ईंट बजा देंगे सपाई
कानपुर. छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) का परीक्षा परिणाम ग्यारह दिन पहले आया था, जिसमें बीएससी के 50 फीसदी से ज्यादा छात्र-छात्राएं फेल हो गए। छात्रों ने इसकी शिकायत कुलसचिव से कर दोबारा उत्तर पुस्किएं की जांच कराए जाने की मांग की, लेकिन विवि प्रशासन ने उस पर ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते सोमवार को छात्रों ने हंगामा करते हुए रोड जाम कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्र-छात्राओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इसी के चलते अब विरोधी दल के नेता पीड़ित छात्रों के पक्ष में खड़े हो गए हैं। आर्यनगर से सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि यूपी में तानाशाही हुकूमत चल रही है। कोई जहरीली शराब पीकर मर रहा है तो किसी की जान आईसीयू में एसी खराब होने के चलते जा रही है। अब निर्दोष छात्रों को सीएम योगी की पुलिस ने बेहरमी के साथ पीटा। मंगलवार को हम विवि जाएंगे और अलाधिकारियों से बात कर छात्रों पर लाठीचार्ज का निर्देश देने वाले अफसरों के साथ ही पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। यदि शासन-प्रशासन ने आनाकानी की तो सपाई अब योगी सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे।
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) परिसर पर सोमवार को बीएससी में फेल छात्रों ने धावा बोल दिया। जमकर हंगामा काटा और रोड जाम कर दी। जिसके चलते दो किमी तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई थानों की फोर्स मौके पर बुला ली। इस दौरान हालात काबू से बाहर जाते देख पुलिस को लाठी चार्ज भी करना पड़ा। पुलिस ने छात्रों के साथ ही छात्राओं को भी नहीं बख्शा और पुरूष कांस्टेबल उन पर लाठियां भांजते रहे। पुलिस की मार से बचने के लिए जिसको जंहां जगह मिली वह वंहां छिप गया। एसपी का कहना है कि छात्रों को लेकर कुछ राजनीति कि गयी है। जिसमें एबीवीपी छात्र गुट शामिल हो गया और मामले को सुलझाने के बिगाड रोड जाम करवा दिया। पुलिस के समझाने के बाद भी छात्र अभद्रदता पर उतर आये। जब छात्र नहीं माने तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
निष्पक्ष होनी चाहिए जांच
सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने बताया कि पूरे मामले की हमने जानकारी की है। विवि प्रशासन की इसमें घोर लापरवाही निकल कर सामने आई है। बीएससी के छात्रों की उत्तर पुस्किओं का मुल्यांकन ठीक से नहीं किया गया और 50 से 60 फीसदी छात्र फेल हो गए हैं। विधायक ने बताया कि कुछ छात्र समाजवादी पार्टी कार्यालय आए और रो-रो कर विवि प्रशासन के साथ पुलिस की बर्बरता की दास्तां बयां की। विवि प्रशासन ने जहां उनका भविष्य चौपट कर दिया, वहीं सीएम योगी की पुलिस ने उन्हें पीट-पीट कर अपाहिज बना दिया। पुलिस ने छात्राओं को निर्ममता के साथ पीटा। उनके साथ अभ्रदता की। एक छात्रा बताया कि पिछली बार सेकेण्ड ईयर में काफी अच्छे नंबर आये थे लेकिन इस बार हम लोग तो फेल ही हैं, साथ पूरे कॉलेज के परीक्षार्थियों को फेल कर दिया गया।
जिम्मेदारों पर होनी चाहिए कार्रवाई
सपा विधायक ने कहा कि पिछले माह जहरीली शराब पीने से डेढ़ दर्जन लोग काल के गाल में समा गए। सीएम योगी ने कार्रवाई के नाम पर बाबू स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े अफसरों को बचा लिया। विधायक ने कहा ऐसा क्या कारण हैं कि बड़े-बड़े हादसे और वारदातें हो जाने के बावजूद जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई तो दूर की बात उनका ट्रांसफर तक नहीं होता। विधायक का आरोप है कि कुछ तो गड़बड़ है। अफसरों से इतना प्यार किसी भी सरकार के सीएम ने आज तक नहीं किया। अगर अखिलेश सरकार होती तो जिले के जिम्मेदार अफसर बाहर नहीं जेलों के अंदर होते। सपा विधायक का कहना है कि पांच दिन पहले हैलट आईसीयू में पांच लोगों की मौत हो गई। एक भी डॉक्टर, कर्मचारी व अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। सरकार पूरी तरह से ब्यूरोकेट्स के इशारे पर काम कर रही है। पर समाजवादी लोग अब जनता के लिए सड़क से लेकर संसद तक लड़ेंगे और अगर पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ी तो उसके लिए भी हम तैयार हैं।
छात्रों के साथ खड़ी है सपा
विधायक ने बताया कि हमारी बात विवि के कुलसचिव प्रोफेसर संजय स्वर्णकार से हुई है। उन्होंने बताया है कि मामले की जांच के लिए जांच समिति गठित कर दी गई है। यदि विश्वविद्यालय स्तर से मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई होगी तो उसे सुधारा जाएगा। साथ ही पुलिस लाठीचार्ज पर भी उन्होंने जांच कराए जाने का भरोसा दिया है। मंगलवार को हम सपा कार्यकर्ताओं के साथ विवि जाएंगे और कुलसचिव से मिलेंगे। साथ ही पीड़ित व घायल छात्रों से भी बात की जाएगी। विधायक ने कहा कि हमारी मांग है कि सीएम योगी इसकी निष्पक्ष जांच कराएं। मूल्यांकन में गड़बड़ी के साथ ही लाठीचार्ज का आदेश देने वाले पुलिस अफसर के अलावा पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो सपाई छात्रों के साथ आंदोलन को बाध्य होंगे।
Published on:
12 Jun 2018, 8:26 AM IST
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