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ऐसा होगा यूपी का पहला कृत्रिम समुद्र, यहां देखें तस्वीरें, मुफ्त मनोरंजन और रोजगार भी

Uttar Pradesh first artificial Sea: प्रदेश का पहला कृत्रिम समंदर कानपुर में बनने जा रहा है। मुम्बई और गोवा के बीच का एहसास अब कानपुर की गंगा किनारे मिलेगी। फोटो में देखिए कैसा रहेगी कृत्रिम समंदर का नजारा।
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कानपुर

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Snigdha Singh

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Updated: 10 May 2022, 10:19 PM IST

UP first artificial Sea in Kanpur See Photos entertainment get jobs

UP first artificial Sea in Kanpur See Photos entertainment get jobs

वैसे तो कानपुर अपनी खूबियों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहता है। चाहे व्यापार के लेकर हो या फिर कोई नई तकनीक। लेकिन कानपुर अब एक और नई वजह जाना जाएगा। वह है कृत्रिम समंदर। कानपुर में प्रदेश का पहला कृत्रिम समंदर बनने जा रहा है। यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों के लिए खेल, खाने आदि मनोरंजन होगा। कानपुर के सबसे अधिक विजिटिंग प्लेस गंगा बैराज में ये प्रोजेक्ट तैयार किया मंडलायुक्त डॉ राजशेखर ने। पत्रिका से बातचीत के दौरान कानपुर मंडल के डॉ राजशेखर ने कहा कि जल्द ही शहरियों के लिए मनोरंजन का बड़ा तोहफा होगा। आप भी फोटो में देखिए प्रदेश का पहला कानपुर में बन रहा कैसा होगा कृत्रिम समंदर का नजारा।

क्या है कृत्रिम समंदर का प्रोजेक्ट

मंडलायुक्त डॉ राजशेखर ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा बना वोट क्लब अब तक आम जनता के लिए नहीं खोला जा सका। बनी झोपड़िया खराब होने लगी। इसलिए वहां अब कृत्रिम समंदर तैयार होगा। सुरक्षा को देखते हुए तय क्षेत्रफल पानी को एकत्रित किया जाएगा। इससे न तो गंगा में गंदगी होगी और न डूबने का डर। बनाए जा रहे जल क्रीड़ा केंद्र में करीब 50 नाव से लोगों की बोटिंग कराई जाएगी। बोटिंग कराने के लिए लाइफ सेविंग जैकेट से लेकर एक टीम सक्रिय भी रहेगी। मंडलायुक्त राजशेखर ने कहा कि पूरी तरह से तो नहीं लेकिन इस गर्मी से लोगों लिए बोट क्लब खुल जाएगा। इसमें शहर की बड़ी बड़ी संस्थाएं भी सहयोग दे रही है। इस कृत्रिम समंदर में लाइट, म्यूजिक, खाना आदि सुविधाएं मिलेंगी।

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रोजगार के मिलेंगे अवसर

कृत्रिम समंदर बनने पर जरूरतमंदों को रोजगार के मौके भी मिलेंगे। यहां स्पोर्ट्स स्टॉल लगाने से लेकर खाने के स्टॉल भी लगा सकेंगे। इसके लिए तय धनराशि विभाग को देना होगा। इसके लिए नगर निगम से संपर्क कर सकते हैं। मंडलायुक्त के अनुसार यहां छोटे छोटे पटरी दुकानदारों को फायदा मिलेगा। गंगा बैराज में रोजोना कम से कम 1-2 हजार लोग पहुंचते हैं। खास मौकों पर ये संख्या 10 हजार भी पहुंच जाती है। यहां पर इस नए प्रोजेक्ट से मनोरंजन के साथ साथ जरूरतमंदों को आय का स्रोत भी मिलेगा।

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गंगा की लहरों में बीच इवनिंग का एहसास

गंगा बैराज में अभी भी लोगों के लिए मैगी और बोटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन अब ये सुविधाएं प्रशासन, केडीए और नगर निगम द्वारा मुहैया कराई जाएंगी। यहां बीच के स्टाइल में म्यूजिकल इवनिंग, वॉर राइडिंग होंगी। इसके साथ ही बच्चे हो या बड़े बुजुर्ग स्वीमिंग की व्यवस्था भी। लोगों के लिए लजीज व्यंजनों के सटॉल भी लगाए जाएंगे। सिचाई विभाग द्वारा बने बोट क्लब मालटीव का एहसास कराएगा। लाइटिंग से म्यूजिक की खास सिस्टम लगाया जाएगा। बर्थडे पार्टी हो या खास आयोजन यहां धूमधाम से मना सकते हैं।

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