
वंश चलाने के लिए रिटायर्ड डीआईजी ने बहू के साथ बनाए शारीरिक संबंध
कानपुर . एक बेबस औरत की कहानी मर्दो की फितरत को बखूबी बयान करती है। किस्सा मध्यप्रदेश की बेटी से जुड़ा है, जिसे कदम-कदम पर धोखा मिला। पहला पति फौजी था, जिसने अपनी नई-नवेली के साथ सुहागरात भी नहीं मनाई। कारण बताया कि वह किसी और से प्यार करता है, उसके साथ चोरी-चुपके ब्याह रहा चुका है। हमसफर की प्रीत के लिए तड़पती महिला का नाम है प्रीति प्रियदर्शी। दांपत्य जिंदगी के पहले कदम पर धोखा खाने के बाद प्रीति ने वैवाहिक वेबसाइट के जरिए दूसरा हमसफर खोजा, जोकि यूपी पुलिस के डीआईजी रामस्वरूप का इकलौता पुत्र आशीष था। आशीष की पहली शादी विफल हो चुकी थी। दोनों की जिंदगी में एक जैसा दर्द था, इसलिए साथ चलना मुनासिब समझा। ससुराल में कुछ दिन प्रीति के अच्छे गुजरे, इसी दौरान दो बेटियों की किलकारी से आंगन गूंजने लगा था, लेकिन बेटा नहीं पैदा हुआ। ऐसे में डीआईजी को वंश चलाने की फिक्र हुई। उन्होंने बहू के सामने अपने बेटे को नामर्द घोषित करते हुए संंबंध बनाने का प्रस्ताव रखा। बहू तैयार नहीं हुई तो एक रात जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बहू चीखी-चिल्लाई तो अगली सुबह उसे घर से निकाल दिया। मोहल्ले के कुछ लोग बहू के पक्ष में खड़े हुए तो पुलिसिया हनक दिखाते हुए उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मामले में दूसरे पक्ष का आरोप है कि बहू शादी के नाम पर धोखाधड़ी करती है। पहली शादी भी इसी कारण टूटी थी, अब मकान और जायदाद पर कब्जा करने के लिए नया बखेड़ा खड़ा किया है।
फौजी पति ने दुत्कारा तो डीआईजी की बहू बनी प्रीति
मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ की प्रीति का पहला विवाह आशीष नेगी नामक फौजी के साथ हुआ था। प्रीति के अनुसार, शादी के बाद फौजी ने बताया कि उसका किसी और के साथ इश्क है, इसलिए वह प्रीति को साथ नहीं रखेगा। इस मामले में प्रीति के मायके वालों ने दखल दिया, लेकिन फौजी टस से मस नहीं हुआ। ऐसे में प्रीति मायके आकर रहने लगी और फौजी का परिवार लापता हो गया। वक्त से परेशान प्रीति ने एक वैवाहिक वेबसाइट पर हमसफर खोजना शुरू किया तो उसकी मुलाकात कानपुर के आशीष प्रियदर्शी से हुई। आशीष उस वक्त मोमबत्ती बनाने का कारखाना चलाते थे। बात शुरू हुई और परिजनों की रजामंदी से दोनों ने 07 जून 2014 को दिल्ली के होटल में ब्याह रचा लिया। गुजरते वक्त के साथ प्रीति और आशीष दो प्यारी बच्चियों के माता-पिता बन चुके थे।
वंश चलाने के लिए बहू को परेशान करने लगे डीआईजी
प्रीति के साथ जिंदगी का सफर शुरू करने से पहले आशीष प्रियदर्शी की नेहा कंचन नामक लडक़ी से शादी हुई थी, लेकिन कतिपय कारणों से बेटी को जन्म देने के छह दिन बाद ही नेहा ने आशीष का घर छोड़ दिया था। चर्चा है कि लडक़ी पैदा करने के कारण नेहा को परेशान किया गया तो वह अपनी नवजात बेटी को छोडक़र चली गई थी। बहरहाल, प्रीति की कोख से दो बेटियां पैदा हुईं तो डीआईजी को वंश चलाने की चिंता सताने लगी। उन्होंने बहू पर दवाब बनाने के लिए दहेज के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। प्रीति का आरोप है कि एक दिन ससुर रामस्वरूप ने अपने बेटे को नामर्द बताते हुए बेटा पैदा करने में असमर्थ करार दिया और बहू के साथ जिस्मानी संबंध बनाने की जिद करने लगे। प्रीति ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट होने लगी। प्रीति का दावा है कि जून माह के अंतिम दिनों में ससुर रामस्वरूप ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। वह रोती-बिलखती रही तो सुबह उसे मारपीट पर कानपुर के पनकी स्थित घर से निकाल दिया।
मदद करने वालों पर पुलिस अफसर ने दर्ज कराए गंभीर मामले
प्रीति के मोहल्ले वाले इस मामले में मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं। कारण है रिटायर्ड डीआईजी की हनक। मोहल्ले के लोगों ने दबी जुबान से बताया कि प्रीति को घर से निकालने के बाद पूर्व पार्षद अशोक दुबे और मोहल्ले में महावीर अस्पताल चलाने वाले डॉ. ओंकार सिंह तथा उर्वशी महिला कल्याण समिति की प्रमुख उर्वशी के खिलाफ घर में तोड़-फोड़ करने और बलवा करने की गंभीूर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस बारे में उर्वशी का कहना है कि प्रीति सडक़ पर दो मासूम बेटियों के साथ बेसहारा बैठी थी, खबर मिलने पर उसे न्याय दिलाने के लिए महिला साथियों के साथ मौके पर पहुंची तो डीआईजी रामस्वरूप गाली-गलौच करने लगे। इसी स्थिति में प्रीति को जबरन घर में पहुंचा दिया था, बलवा करने जैसी कोई बात नहीं थी। पुलिसिया हनक में फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिलहाल इंसाफ की लड़ाई में प्रीति को महावीर अस्पताल में सहारा मिला है, जहां उसकी दो मासूम बेटियां आराध्या (3 वर्ष) और प्रिशा (डेढ़ वर्ष) भी रहती हैं।
डीआईजी पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज, आरोपों को खारिज किया
प्रीति की जंग मुकाम तक पहुंचती दिखती है। उसकी गुहार के बाद पनकी थाने में रिटायर्ड डीआईजी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। पनकी के थानेदार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। जांच के बाद गिरफ्तारी का फैसला होगा। उधर, डीआईजी की पत्नी उमादेवी का कहना है कि उनकी बहू प्रीति शादी की आड़ में धोखाधड़ी करती है। उसने फौजी आशीष नेगी से शादी करने के बाद मध्यप्रदेश के होशंगाबाद में नीलम पटेल के नाम से दूसरा ब्याह रचाया था। वहां से तीन लाख रुपए ऐंठने के बाद उनके बेटे आशीष को फंसा लिया। कई मर्तबा मांगने के बावजूद तलाक के कागजात मुहैया नहीं कराए, जबकि शादी के वक्त दावा किया गया था कि पहली शादी का कानूनन तलाक हो चुका है। उमा ने आरोप लगाया कि प्रीति ने कानपुर का मकान और कारखाना हड़पने के लिए यह नाटक रचा है।
Updated on:
23 Jul 2018 05:33 pm
Published on:
05 Jul 2018 07:36 pm
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