
काजल मीणा। फाइल फोटो- पत्रिका
नादौती (करौली)। जमीन के तकसीमा से जुड़े मामले में रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ी गई नादौती की एसडीएम काजल मीणा, उनके रीडर दिनेश सैनी और वरिष्ठ लिपिक प्रवीण धाकड़ को एंटी करप्शन ब्यूरो ने शुक्रवार को भरतपुर की विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी ने बताया कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर लिए गए हैं और जांच प्रक्रिया लगातार जारी है।
यह वीडियो भी देखें
एसीबी सूत्रों के मुताबिक, नादौती एसडीएम काजल मीना को एसीबी ने गिरफ्तार किया, तब वह बोली कि उससे गलती हो गई। हालांकि इस कथन को आधिकारिक दस्तावेजों में शामिल नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिश्वत मांगने और उसे लेने के पर्याप्त प्रमाण मिलने के बाद ही कार्रवाई की गई। पूरे मामले की जानकारी कार्मिक विभाग को भी भेजी जा चुकी है, जहां से निलंबन की कार्रवाई होने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि एसीबी ने पूर्व में कार्रवाई करते हुए काजल मीणा को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस दौरान उनके रीडर और यूडीसी को भी हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से करीब 4 लाख रुपए की संदिग्ध नकदी बरामद हुई, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
काजल मीणा की यह दूसरी पोस्टिंग थी। उन्होंने 30 अक्टूबर 2025 को प्रतापगढ़ जिले के सुहागपुरा से स्थानांतरण के बाद नादौती में पदभार ग्रहण किया था। सवाई माधोपुर जिले के वजीरपुर क्षेत्र के बडौली गांव की निवासी काजल मीणा का गृह क्षेत्र के पास पदस्थापन होने के कारण वे पहले से ही चर्चा में थीं। क्षेत्र में रिश्तेदारी होने के चलते उनकी कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठते रहे। काजल मीणा वर्ष 2024 बैच की राजस्थान प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं और आईआईटी मंडी की पूर्व छात्रा रह चुकी हैं। फिलहाल एसीबी पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
Published on:
17 Apr 2026 09:07 pm
बड़ी खबरें
View Allकरौली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
