
वीरसिंह जाटव। फोटो पत्रिका नेटवर्क
लांगरा (करौली)। इलाज के लिए करौली जाते समय पुलिया से पैर फिसलने से बुगडार नदी में गिरे युवक वीर सिंह जाटव का शव तीन दिन बाद लांगरा दकना पुल के पास पानी में मिला। शव मिलने के बाद परिजन बेहाल हो गए। परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को करौली के अस्पताल में पहुंचाया। वीर सिंह जाटव तीन दिन पूर्व बुगडार नदी की पुलिया से नदी में गिर गया था। सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम उसे लगातार तलाश कर रही थी। सोमवार को घटना स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर लांगरा दकना पुल के पास पानी में शव दिखाई दिया।
घटना के मामले में गुस्साए परिजनों एवं ग्रामीणों ने करौली मण्डरायल रोड पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि लांगरा से बुगडार के बीच पडऩे वाली तीन पुलिया काफी नीची बनी हुई है। जिनसे आवागमन के दौरान बरसात के दिनों में हादसे की आशंका रहती है। क्योंकि नदी में पानी का उफान अधिक रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि जब पुलिया का निर्माण हो रहा था उस समय भी अधिकारियों से व ठेकेदार से पुलिया ऊंची बनवाने की मांग की थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। पुलिया ऊंची होती तो यह हादसा नहीं होता। बरसात में पुलिया पर फिसलन हो जाती है। जिससे फिसलकर नदी में गिरने का खतरा रहता है।
जाम की सूचना मिलने पर मंडरायल एस डी एम सुमन गुर्जर, वृताधिकारी करौली अनुज शुभम, बीडीओ मंडरायल विजय सिंह मीणा, तहसीलदार श्रीराम मीणा, नायब तहसीलदार शीशराम, करौली सदर थानाधिकारी रामदीन शर्मा, थानाधिकारी लांगरा वासुदेव प्रसाद आदि ने लोगों से समझाइश की। ग्रामीण जगन्नाथ जाटव सरपंच,देशराज जाटव,राजेंद्रसिंह जाटव, पांचीलाल मीणा, चौथीलाल मीणा, भंवर मीणा, कैलाप्रसाद मीणा, चंद्रभान जाटव, विजयसिंह जाटव, भूरसिंह जाटव आदि ने तीनों पुलियाओं का नए सिरे से पुन निर्माण करा इनको ऊंचा कराने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने, शराब ठेका हटवाने की मांग की। जिस पर प्रशासन ने आश्वासन दिया परिजनों और ग्रामीणों ने सहमति जताई और जाम हटा दिया।
Updated on:
26 Aug 2025 03:46 pm
Published on:
26 Aug 2025 03:46 pm
