
एआई तस्वीर।
करौली। लंबे इंतजार के बाद करौली जिला मुख्यालय से हिण्डौनसिटी तक फोर लेन सड़क का निर्माण होगा। सब कुछ ठीकठाक रहा तो आगामी वर्षों में करौली-हिण्डौन के बीच चमचमाती फोर लेन सड़क नजर आएगी। जिससे आवागमन सुगम हो सकेगा। राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम (आरएसआरडीसी) ने इस फोरलेन परियोजना के लिए 178.61 करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराकर उच्च स्तर पर भिजवा दी है। अब इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने का इंतजार है।
गौरतलब है कि करौली-हिण्डौन मार्ग वर्तमान में वर्षों से संकरा और जर्जर स्थिति में है। जगह-जगह गड्ढे बन जाने के कारण आए दिन हादसे होने की आशंका बनी रहती है। वहीं आवागमन में समय भी अधिक लगता है। आमजन लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण की मांग उठा रहे थे। विशेष बात यह है कि सड़क पर टोल टैक्स वसूली तो की जा रही है, लेकिन सड़क की स्थिति खराब होने के कारण वाहन चालकों को अतिरिक्त समय और ईधन की खपत झेलनी पड़ती है।
सड़क के चौड़ी होने के बाद वाहन फर्राटे भरते हुए दौड़ सकेंगे। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि ईधन की भी खपत घटेगी। क्षेत्र के व्यापार, परिवहन और पर्यटन को भी सीधा लाभ मिलेगा। खासकर करौली स्थित प्रसिद्ध कैलादेवी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह सड़क बड़ी राहत साबित होगी।
आरएसआरडीसी सूत्रों ने बताया कि नई डीपीआर के अनुसार करौली में मासलपुर चुंगी से हिण्डौन बाईपास तक फोर लेन के तहत दोनों ओर 8.50-8.50 मीटर की सड़क होगी। डेढ़-डेढ़ मीटर की पटरी भी बनाई जाएगी और बीच में डिवाइडर लगाया जाएगा। इससे न केवल सड़क व्यवस्थित होगी बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। साथ ही सड़क पर लाइटिंग लगाने की भी योजना है।
वर्तमान में संकरी और क्षतिग्रस्त सड़क पर भारी वाहन, बस और अन्य छोटे चौपहिया वाहनों का लगातार दबाव बढ़ रहा है। कई बार छोटी गाड़ियां और बाइक सवार जोखिम उठाकर निकलते हैं, जिससे हादसों की संभावना बनी रहती है। इसी मार्ग के जरिए दिल्ली, उत्तरप्रदेश आदि प्रांतों के लाखों की संख्या में श्रद्धालु कैलामाता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। फोर लेन सड़क बनने के बाद लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सकेगी।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने लंबे समय से करौली-हिण्डौन मार्ग को फोर लेन बनाने की मांग उठाई थी। अब आरएसआरडीसी की ओर से डीपीआर तैयार कराकर भेजे जाने के बाद इस मांग के पूरी होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू होते ही यह परियोजना क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
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करौली से हिण्डौन बाइपास तक फोर लेन सड़क के लिए 178.61 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार हुई है। इसे उच्चाधिकारियों को भिजवा दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
मनोज श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक, आरएसआरडीसी, करौली
Updated on:
28 Sep 2025, 3:27 PM IST
Published on:
28 Sep 2025, 3:27 PM IST
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