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Gurjar Agitation- रेलवे ट्रैक के बाद गुर्जर समाज ने करौली-हिण्डौन मार्ग किया जाम

Gurjar Agitation in Rajasthan- सवाई माधोपुर के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी गुर्जर आंदोलन का असर देखा जाने लगा है।
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Gurjar Agitation

करौली। Gurjar Agitation- पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर मलारना में गुर्जरों के पटरी पर बैठने के बाद शनिवार सुबह गुड़ला गांव में आंदोलनकारियों ने जाम लगा दिया। इससे करौली-हिण्डौन मार्ग पर बसों का संचालन बंद हो गया। रोडवेज ने भी गुर्जरों के सडक़ पर आने के सूचना पर सुबह करीब साढ़े दस बसे करौली-हिण्डौन मार्ग को बंद कर दिया।

वहीं आगरा से कैलादेवी जाने वाली उत्तर प्रदेश परिवहन की बस को हिण्डौन से ही आगरा के लिए लौटना पड़ा। कैलादेवी के दर्शनों के आस में आए आगरा के दर्शनार्थियों को बैरंग लौटना पड़ा। राजस्थान रोडवेज की हिण्डौन आगार के मुख्य प्रबंधक बहादुर सिंह गुर्जर ने बताया कि सुबह दस बजे करौली से दस किलोमीटर पहले गुड़ला गांव में गुर्जर आंदोलनकारियों ने सडक़ पर जाम लगा दिया।

ऐसे में हिण्डौन व करौली के बस स्टेण्ड बसों को संचालन बंद कर दिया। जबकि भरतपुर, महवा, जयपुर, अलवर मार्ग पर बसों का संचालन हो रहा है। एतियात के दौरान पर जाम लगने के संभावित स्थान देवलेन मोड़, खेड़ला, महवा व गाजीपुर मोड़ पर गतिविधियों की निगरानी के लिए सूचना वाहन तैनात किए हुए है।

राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर सवाई माधोपुर में मलारना डूंगर के मकसूदनपुर में हुई महापंचायत के बाद गुर्जरों ने आंदोलन उग्र करते हुए भरतपुर सम्भाग में दिल्ली-मुम्बई रेलमार्ग पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से ठप है। प्रशासन की ओर से बयाना के गांवों में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके अलावा हाईवे पर भी पुलिस की ओर से लगातार गश्त की जा रही है।

इधर, देवस्थान एवं पर्यटन केबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह की ओर से किरोड़ी सिंह बैंसला से फोन पर बातचीत की गई है। लेकिन अभी सुलह की बात नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि पहले सरकार की ओर से गुर्जर आरक्षण की स्थिति को लेकर राय ली जा रही है। इसके बाद दोपहर तक सुलह की कमान संभाल रहे मंत्री विश्वेंद्र सिंह को बैंसला से वार्ता करने के लिए हरी झंडी दी जाएगी।

पूर्व सूचना, फिर भी ट्रैक सुरक्षित नहीं किया
गुर्जर आंदोलन की पूर्व चेतावनी के बावजूद रेलवे इस बार भी लोगों को ट्रैक पर जमा होने से नहीं रोक पाया। रेलवे प्रशासन सुरक्षा इन्तजाम का दावा करता रहा लेकिन अब खुद रेलवे प्रशासन ही ट्रेनें रद्द या आंशिक रद्द होने, मार्ग बदलने की सूचनाएं देता रहा। दरअसल, रेलवे को संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास ट्रैक चिह्नित कर वहां पेट्रोलिंग तय करनी थी। लेकिन आरपीएफ और आरपीएसएफ के इंतजाम भी नजर नहीं आए।

रेलवे सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। ट्रैक की सुरक्षा के लिए बल यथासंभव प्रयास कर रहा है।
राजीवकुमार यादव, व.मंडल सुरक्षा आयुक्त, कोटा

मलारना और नीमोदा खंड में कई ट्रेनों का परिचालन बाधित हुआ है। कई ट्रेनों को अन्य मार्ग से चलाने का प्रयास कर रहे हैं।
यूसी जोशी, डीआरएम, कोटा

उपरे का कोई ट्रैक प्रभावित नहीं है। आरपीएफ और आरपीएसएफ जयपुर-अजमेर डिविजन में निगरानी कर रहे हैं।
अभय शर्मा, पीआरओ, उपरे