
कृषि मंडी में मशीन से सरसों की ऑयल टेस्ट करते कार्मिक। फोटो- पत्रिका
हिण्डौनसिटी। आखिरकार नई फसल की सरसों की दस्तक के तीन माह बाद जिले की कैलाश नगर स्थित एक श्रेणी की कृषि उपज मंडी सहित गौण मंडियों में सीड्स ऑयल लैब रिपोर्ट के आधार पर सरसों के भाव तय होना शुरू हो गया।
पहले दिन मंडी में 42 प्रतिशत ऑयल कंडीशन सरसों के भाव 6931 रुपए प्रति क्विंटल खुले, जो सरसों की एमएमएपी दर से काफी अधिक रहे। इससे किसानों के चेहरे खुशी से खिल गए। मंडी में ऑयल टेस्टिंग लैब शुरू होने से किसानों को अब गुणवत्ता के आधार पर सरसों के उचित भाव मिलना शुरू हो गया है।
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दरअसल तिलहन उपज, खासतौर पर सरसों के भाव उसमें मौजूद तेल की मात्रा पर निर्भर करते हैं। इसके लिए कृषि उपज मंडियों में सीड्स ऑयल टेस्टिंग लैब स्थापित होती हैं, जिनमें कम्प्यूटरीकृत मशीनों से सरसों के दानों में तेल की मात्रा की जांच की जाती है। इस वर्ष रबी सीजन में 23-24 जनवरी को नई सरसों की आवक शुरू हो गई थी। फरवरी और मार्च में प्रतिदिन 20-25 हजार कट्टों की बंपर आवक रही। उस दौरान सरसों में नमी अधिक होने की बात कहकर ऑयल जांच नहीं की गई और खुली नीलामी में खरीद-फरोख्त होती रही।
व्यापारियों ने दानों के रंग-रूप को देखकर किसानों को दाम दिए। इस कारण अप्रेल के पहले सप्ताह तक करीब तीन लाख क्विंटल से अधिक सरसों बिना लैब टेस्टिंग के ही बिक गई। तापमान बढ़ने से नमी कम होने और अप्रेल का एक सप्ताह बीतने के बाद भी नीलामी से ही भाव तय हो रहे थे। इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बाद मंडी समिति प्रशासन ने ऑयल टेस्टिंग लैब शुरू करने की प्रक्रिया पूरी कर ली और उसी दिन से ऑयल कंडीशन के आधार पर भाव तय करना शुरू कर दिया। मंडी समिति के अनुसार पहले दिन करीब 400 नमूनों की जांच की गई।
कृषि उपज मंडी व्यापार मंडल के महामंत्री सौरभ बंसल ने बताया कि सोमवार से मंडी में आई सरसों के भाव 42 प्रतिशत ऑयल कंडीशन के आधार पर खोले गए। इससे उच्च गुणवत्ता वाली सरसों के भाव में खुली नीलामी की तुलना में करीब 300 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि हल्की गुणवत्ता वाली सरसों के भाव में करीब 300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आई। 42 कंडीशन के भाव 6931 रुपए और 38 कंडीशन के भाव 6270 रुपए प्रति क्विंटल रहे। शनिवार को नॉन कंडीशन सरसों के भाव 6600 से 6800 रुपए प्रति क्विंटल के बीच थे।
कृषि उपज मंडी में ऑयल टेस्टिंग लैब शुरू होने के बाद सरसों की नीलामी बंद कर दी गई है। अब एक दुकान की ढेरी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही भाव तय किए जा रहे हैं। जबकि अन्य जिंस जैसे गेहूं, जौ, चना और बाजरा के भाव नीलामी में बोली के आधार पर ही तय हो रहे हैं। इधर लैब शुरू होते ही मंडी में सरसों की आवक घट गई है। सोमवार को 4-5 हजार कट्टों की आवक रही, जबकि शनिवार को 10 हजार कट्टों की नीलामी हुई थी।
Updated on:
07 Apr 2026 05:31 pm
Published on:
07 Apr 2026 05:29 pm
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