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गर्मी में जाना पानी का मोल

गढ़मोरा. गर्मी शुरू होते ही ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। लोगों को पीने को भी पानी नहीं मिल रहा है। गांव में उच्च जलाशय टंकी में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। जेकी शर्मा, अवधेश मीणा, आरामसिंह, कालूराम सैनी आदि ने ब-मवेशियों की खेळ भी खालीताया कि जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत करा दिया।
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karauli

गढ़मोरा में टंकी से प्यास बुझाती गाय

गढ़मोरा. गर्मी शुरू होते ही ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। लोगों को पीने को भी पानी नहीं मिल रहा है। गांव में उच्च जलाशय टंकी में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। जेकी शर्मा, अवधेश मीणा, आरामसिंह, कालूराम सैनी आदि ने ब-मवेशियों की खेळ भी खालीताया कि जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत करा दिया। जानवरों को पीने के पानी के लिए बनाई गई खेळ भी नहीं भर रही है। ऐसे में पानी के अभाव में मवेशियों के हलक भी सूख गए हैं। ग्रामीणों को जैसे-तैसे दूर दराज के निजी ट्यूबवैलों से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है।

मोटर खराब होने से जलापूर्ति ठप
-पानी के लिए भटकते रहे लोग
मण्डरायल. यहां ट्यूबबैल की मोटर खराब हो जाने से मंगलवार को आधे कस्बे की जलापूर्ति ठप रही। भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए भटकते रहे। किले वाली टंकी में पानी का भण्डारण नहीं हो पाने से झंडा चौक शांडिल्य पाड़ा, रामलीला चौक, उपाध्याय पाडा आदि में जलापूर्ति नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है, कि कनिष्ठ अभियंता मुख्यालय पर नहीं ठहरते हैं। कर्मचारी मोटर चालू करके चले जाते हैं। बंद नहीं करते हैं। जिससे गर्म होकर मोटर फुंक जाती है।

३६ घंटे बाद बहाल हुई बिजली
मासलपुर. तहसील मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्र में अंधड़ के कारण ठप बिजली आपूर्ति ३६ घंटे बाद मंगलवार को बहाल हुई। जिससे लोगों को राहत मिली। इससे पहले बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। गौरतलब है, कि दो दिन पहले आए अंधड़ से ३३ केवी बिजली लाइन पर पेड़ गिर गया था। बिजली गुल रहने से जलापूर्ति व्यवस्था भी चरमराई हुई थी।