
करौली/हिण्डौनसिटी.
वैसे तो कैला मैया अपने हरेक भक्त पर मेहरबान होती है। रुपए-पैसे की तंगहाली हो या फिर कोई अन्य संकट। पलभर में ही दुखिया को मालामाल कर देती है।
घाटे से जूझ रहे राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। विशेष कृपा का ही नमूना है कि महज एक पखवाड़े में ही रोडवेज ने तीन करोड़ ६६ लाख रुपए कमा लिए हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार २४ लाख रुपए की अधिक कमाई होने से रोडवेज अधिकारी उत्साह से लवरेज हैं।
निगम सूत्रों के अनुसार गत वर्ष रोडवेज ने कैलादेवी मेले में तीन करोड़ ४१ लाख ७२ हजार १८४ रुपए राजस्व अर्जित किया था। लेकिन इस बार छह दिन शेष रहते ही रोडवेज ने इस आंकडे का पार कर तीन करोड़ ६५ लाख ५७ हजार २४ रुपए कमा लिए हैं। निगम अधिकारियों का मानना है कि इस बार निगम की कमाई पांच करोड़ से अधिक होगी। कैलादेवी मेले के मद्देनजर निगम की ओर से हिण्डौन आगार को ६४ अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई थी। जिनमें से २६ बसों को मंगलवार को सम्बन्धित आगारों के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया।
फिलहाल स्थानीय आगार की ९८ बसों के अलावा ३८ मेला स्पेशल बस यात्री परिवहन कर रहीं हैं। यहां रेलवे स्टेशन पर स्थापित की गई अस्थायी रोडवेज यूनिट इस वर्ष राजस्व अर्जन के मामले में पिछले वर्ष की तुलना में काफी आगे है। पिछले वर्ष की तुलना में रोडवेज की इस यूनिट ने भी इस वर्ष अब तक दो लाख ७१ हजार ९५४ रुपए अधिक कमाई की है।
गौरतलब है कि कैलादेवी मेले में यात्रियों को रेलवे स्टेशन से माता के दरबार तक ले जाने के लिए रोडवेज की ओर से हर वर्ष रेलवे स्टेशन परिसर में अस्थायी मेला यूनिट स्थापित की जाती है। यहां से कैलादेवी जाने और आने के लिए 24 घंटे रोडवेज बस उपलब्ध रहती है। हिण्डौनसिटी से कैलादेवी का किराया 50 रुपए निर्धारित किया गया है।
ये हैं आय के आंकड़े
रोडवेज आगार की ओर से 1२ मार्च से कैलादेवी के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बीते 1५ दिनों में 2७ मार्च तक किराए के रूप में तीन करोड़ ६५ लाख ५७ हजार २४ रुपए की आय हुई है, जबकि गत वर्ष मेला संपन्न होने तक ३ करोड़ ४१ लाख ७२ हजार १८४ रुपए की आय हुई थी। इस वर्ष की आय २३ लाख ८४ हजार ८४० रुपए अधिक है। इसी प्रकार रेलवे स्टेशन यूनिट पर भी अब तक ३६ लाख ६९ हजार ८२४ रुपए की कमाई हो चुकी है। यह यूनिट दो अप्रेल तक संचालित होगी। ऐसे में राजस्व में और अधिक वृद्धि होने की सम्भावना है।
सवा चार लाख ने किया सफर
मेला अवधि में अब तक चार लाख २६ हजार ६३९ यात्री रोडवेज बसों में यात्रा कर माता को ढोक लगा चुके हैं। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष यात्री भार भी बढ़ा। अभी तक यात्री भार ९२ प्रतिशत रहा है, जबकि गत वर्ष यात्री भार ८१ फीसदी रहा था।
ऐसे चलता है ट्रेफिक
मेले की शुरुआत में कैलादेवी जाने वाली अधिकांश बसें खाली जाती है, जबकि कैलादेवी से आने वाली बसों में यात्रियों की तादाद अधिक होती है। इसका कारण है कि आगरा की ओर से आने वाले यात्री ट्रेन में सीट की चाहत में हिण्डौनसिटी आते हैं। मेले के बीच में आने और जाने में दोनों ओर से यात्री
मिलते है।
पुलिस का रहा अहम रोल
सूत्रों की माने तो रोडवेज की आय में बढोतरी में पुलिस का भी सहयोग रहा। रेलवे स्टेशन परिसर में स्थापित अस्थाई पुलिस चौकी प्रभारी घनश्याम के निर्देशन में २४ घंटे तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों ने परिसर के आसपास निजी वाहनों को खड़ा नहीं होने दिया। इससे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को सीधे तौर पर रोड़वेज बसें ही एकमात्र विकल्प रहीं।
बढ़ी आय से आगार को हुआ फायदा
पिछले वर्ष की तुलना में 1५ दिनों की राजस्व आय बढ़ी है। अभी तक तीन करोड़ ६५ लाख ५७ हजार २४ रुपए की आय हुई है, जो पिछले वर्ष की आय की अपेक्षा २३ लाख ८४ हजार ८४० रुपए अधिक है। आय बढऩे से हिण्डौन आगार को फायदा हुआ है।
— बहादुरसिंह गुर्जर, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज आगार, हिण्डौनसिटी।
Published on:
30 Mar 2018 10:25 pm
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