
जिंस खरीद में खानापूर्ति
सपोटरा. ग्राम पंचायत जीरोता में समर्थन मूल्य पर सरसों व चना खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्टे्रशन बंद होने से किसानों में रोष है। ग्राम तिलम उत्पादक संघ सहकारी समिति केन्द्र जीरोता के किसानों के ऑनलाइन रजिस्टे्रशन नहीं हो रहे है। किसान रामराज, महेन्द्र, मानसिंह, रामसहाय, दिनेश, मनोहर, महेश ने बताया कि अभी अधिकतर किसान रजिस्टे्रशन से वंचित है। उनको समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने के लिए भटकना पड़ रहा है। जीरोता खरीद केन्द्र पर केवल ६ दिन ही रजिस्टे्रशन हुआ था, जिसके बाद बंद कर दिया गया। जिसमें मात्र १० प्रतिशत किसानों का ही पंजीयन किया गया।
खरीद सीमा बढ़ाने की मांग
राज्य सरकार की ओर से जिंस खरीद के लिए जो तौल निर्धारित की गई है उससे किसान संतुष्ट नहीं है। किसान तौल सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि राज्य सरकार ने एक पंजीयन पर कुल २५ क्विंटल जिंस खरीदना तय कर रखा है, जो बहुत कम है। ऐसे में किसानों को समर्थन मूल्य का समुचित लाभ नहीं मिलेगा। किसान तौल सीमा बढ़ाकर ४० क्विंटल करने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है, कि २५ क्विंटल ही जिंस खरीदने से बाकी बची जिंस को बाजार में औने-पौने दामों पर बेचना पड़ेगा। पिछले वर्ष खरीद सीमा ४० क्विंटल तक निर्धारित थी।
छाया-पानी की नहीं सुविधा
किसानों का आरोप है, कि जीरोता खरीद केन्द्र पर छाया-पानी की सुविधा नहीं है। जिससे उनको परेशानी हो रही है। किसान गांवों से तेज धूप में खरीद केन्द्र पर जिंस बेचने लाते हैं, लेकिन उनको न तो पेयजल मिल पाता है न ही ठहरने के लिए छाया की समुचित व्यवस्था है।
टैक्स बिना नहीं व्यवस्था
सहायक व्यवस्थापक विष्णु शर्मा ने बताया कि सरसों व चने की फसल पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं होने से किसानों को छाया-पानी की व्यवस्था करने का पैसा नहीं मिला है, जिससे व्यवस्था नहीं की गई है। व्यवस्थापक गिरधर शर्मा ने बताया कि जीरोता खरीद केन्द्र पर १ अपै्रल से चना व सरसों की खरीद शुरू हुई है। अब तक २०० किसानों के ८००० कट्टे सरसों व २५ किसानों के ७०० कट्टे चने की तुलाई की जा चुकी है। खरीद शुरू होने के बाद छह दिन पंजीयन हुए उसके बाद यह आगे से ही बंद हुए हैं।
सपोटरा में शुरू नहीं खरीद
सपोटरा सहकारी समिति पर समर्थन मूल्य पर खरीद चालू नहीं होने से किसान फसल को लेकर चक्कर काट रहे हैं। किसानों का कहना है कि सहकारी समिति पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी खरीद चालू नहीं की गई है। जिससे फसल को औने-पौने दामों पर बेचने की मजबूरी बनी हुई है। केन्द्र के व्यवस्थापक गंगासहाय सेहरा ने बताया कि अब तक खरीद केन्द्र पर करीब ६०० किसानों ने रजिस्ट्रेशन करा दिया है, लेकिन प्रबन्धक की तबीयत खराब होने से तुलाई चालू नहीं हो पाई है। सोमवार से तुलाई चालू कर दी जाएगी।
Published on:
11 Apr 2019 11:56 am
