
दलपुरा से रायसना गांव तक जर्जर सड़क। फोटो- पत्रिका
गुढ़ाचंद्रजी। करौली के दलपुरा से रायसना गांव तक जर्जर सड़क का 3 वर्ष बाद भी निर्माण पूरा नहीं होने से कई गांवों के लोग परेशान हैं। बारिश के बाद गहरे गड्ढे होने से गिट्टी उछलती रहती है। आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। करीब चार वर्ष पूर्व तत्कालीन विधायक पीआर मीणा ने पाटोली मोड़ से बामनवास तक मेगा हाईवे सड़क निर्माण कार्य के लिए 140 करोड़ रुपए स्वीकृत कराए थे।
वहीं निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद पाटोली से दलपुरा तक सड़क निर्माण कार्य में डामरीकरण किया गया, लेकिन वन विभाग की ओर से रोक लगाए जाने से 3 वर्ष से निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इस कारण दलपुरा से करीब 16 किलोमीटर मार्ग में डामरीकरण कार्य नहीं होने से गहरे गड्ढे बने हुए हैं।
सड़क निर्माण पूरा नहीं होने से दिनभर धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। कंक्रीट उछलती रहती है। सड़क पर धूल उड़ने से आवागमन के दौरान लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होती है। यात्रा के दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि बीते 3 साल में एक दर्जन से भी अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। यह मार्ग गुढ़ाचंद्रजी से बामनवास व लालसोट के लिए निकलता है। इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों की संख्या में वाहन निकलते हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाग्रस्त होने से आए दिन वाहनों में भी टूट-फूट होती रहती है। समय पर गंतव्य स्थान पर वाहन पहुंच नहीं पाते हैं।
इस मार्ग से गुढ़ाचन्द्रजी के साथ मांचड़ी, दलपुरा, खुर्द, भांवरा, गोठरा, धडांगा, जीतकीपुर, रायसना, खोयली, पालड़ी, हरलोदा सहित दौसा जिले के चार दर्जन से भी अधिक गांव के लोगों का रोजाना आवागमन होता है, लेकिन सड़क निर्माण पूरा नहीं होने से परेशानी लगातार बढ़ रही है, जबकि लोगों ने समस्या के बारे में कई बार विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार को अवगत कराया, लेकिन सुनवाई नहीं होती।
सड़क निर्माण कार्य को पूरा करवाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए संवेदक से बात करते हैं।
Updated on:
30 Oct 2025 04:59 pm
Published on:
30 Oct 2025 04:59 pm
