
नादौती के गढख़ेड़ा गांव मेंं शुक्रवार को मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ओलावृष्टि से पीडि़त किसान।
नादौती. गढख़ेड़ा सहित आसपास के गांवों में ओलावृष्टि से पीडि़त सैकड़ों किसानों को ढाई वर्ष बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। जिससे आक्रोशित किसानों ने शुक्रवार को गढख़ेडा गांव में प्रदर्शन किया। ओलावृष्टि पीडि़त गढख़ेड़ा गांव के रामधन मीना, चेतराम मीना, बबलू मीना, काड्या पटेल, मुकेश मीना, रायसना के देवीराम मीना, रामचरण मीना, बद्रीलाल मीना, नाहर सिंह आदि किसानों ने बताया कि वर्ष २०१६-१७ में हुई ओलावृष्टि से गढख़ेड़ा सहित आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों में ६० से ७० फीसदी फसल नष्ट हो गई। जिसके तहत आपदा प्रबंधन द्वारा पीडि़त किसानों को मुआवजा राशि स्वीकृत की गई। लेकिन प्रशासन की कथित अनदेखी के चलते इन गांवों के १०४ से अधिक किसानों के लिये करीब १० लाख रुपए की मुआवजा राशि का तहसील कार्यालय में आने के बाद भी भुगतान आज दिन तक भी नहीं किया गया है। जबकि कइ बार उपखण्ड व जिला प्रशासन को अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन इस दिशा में पीडि़त किसानों को राहत पहुंचाने के लिये कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जिसे लेकर क्षेत्र के किसानों में रोष व्याप्त है। किसान नेता शिवराम गढख़ेड़ा, नाहर सिंह सलावद आदि ने बताया कि प्रशासन द्वारा पीडि़त किसानों को मुआवजा राशि का अलिलंब भुगतान नहीं किया गया तो पीडि़त किसान ५ फरवरी को उपखण्ड मुख्यालय पर किसान मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन उपजिला कलक्टर को सौंपेंगे।
(निज संवाददाता)
Updated on:
02 Feb 2019 12:30 pm
Published on:
02 Feb 2019 12:30 pm
