
कासगंज। उत्तर प्रदेश में पांच शहरो में बिजली विभाग का निजीकरण किए जाने को लेकर विद्युत कर्मी लामबंद हो गए हैं। आज मंगलवार को बिजली विभाग के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर कासगंज जिले के सोरों स्थित डिवीजन कार्यालय पर बिजली विभाग के संयुक्त संगठनों ने एकत्रित होकर धरना दिया। प्रदेश सरकार से बिजली निजीकरण रोकने की मांग की। इस दौरान बिजली विभाग में कार्य प्रभावित रहा।
विभिन्न संगठन हुए प्रदर्शन में शामिल
बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा आयोजित धरने में विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य संगठन शामिल हुए। इस दौरान बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बिजली संगठन जिन्दाबाद, प्रदेश सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाकर कड़ा विरोध जाहिर किया। इस मौके पर जिले भर के बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
योगी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बिजली विभाग कर्मचारी संघ के नेता शैलेन्द्र सारस्वत ने योगी सरकार को भ्रष्टाचारी सरकार बताया। उन्होंने कहा कि कमीशन खोरी के लालच में योगी सरकार ने पांच शहरों में बिजली को निजी कंपनियों के हाथों में सौंपा दिया है। जिससे बिजली विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत होंगी। उपभोक्ताओं को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। योगी सरकार को तत्काल बिजली के निजी कंपनियों को दिए गए ठेकों को वापस लेना चाहिए, अन्यथा बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारी एकत्रित होकर पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेंगे।
Published on:
27 Mar 2018 07:43 pm
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