कटनी. जिले की 170 ग्राम पंचायतों में लगी सोलर लाइटों में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आई है। जिला पंचायत सीइओ द्वारा जारी किए गए नोटिस ने सरपंच-सचिवों की नींद उड़ा दी है। (corruption Solar Light) वित्तीय वर्ष 2013-14 में जिला पंचायत के माध्यम से सोलर लाइटों में आर्थिक अनियमितता की गई है। (corruption) बताया जा रहा कि ग्राम पंचायतों द्वारा सोलर लाइट लगाने में क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया। नियमों के विपरीत जाकर लाइटें लगवाई गई हैं। इस मामले में बताया जा रहा है कि एक शासन स्तर पर एक लाइट की कीमत 9 रुपये निधारित हुई थी, लेकिन पंचायतों के सरपंच-सचिवों ने तत्कालीन जनपद और जिला पंचायत (zila panchayat katni) के अधिकारियों की मिलीभगत से 15 हजार रुपये से लेकर 33 हजार रुपये की सोलर लाइटें पंचायतों में लगवाई हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद अब जांच शुरू हुई है। अब शुरू हुई जांच से पंचायत सचिवों में खलबली मच गई है, हालांकि सचिव कह रहे हैं कि अधिकारियों के निर्देशों का पालन हुआ है। कुछ सचिवों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तत्कालीन सीइओ और नोडल अधिकारी के निर्देश पर यह सब काम हुआ है। उन्हीं ने डीलर को पंचायतों में भेजा और लाइट खरीदवाई हैं। इसमें दो करोड़ रुपये से अधिक फूंके गए हैं। हैरानी की बात तो यह है कि इन लाइटों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि ये अधिकांश दम तोड़ चुकी हैं।
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जिपं सीइओ ने ली पेशी
इस मामले को लेकर जिला पंचायत सीइओ जगदीश चंद गोमे ने 170 ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी किया, जिनकी बुधवार को जिला पंचायत में पेशी हुई। उसमें बताया गया कि सोलर लाइट में क्रय नियमों का पालन नहीं किया। कारण सहित सभी से जवाब मंगाया गया। उसमें यह उल्लेख किया गया है कि समयावधि 11 सितंबर तक जवाब न देने पर या संतोषप्रद जवाब न होने पर आपके विरुद्ध मप्र पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1933 के तहत धारा 92 की कार्रवाई की जाएगी।
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सभी से होगी वसूली
सोलर लाइट में कई पंचायतों में जमकर मनमानी की गई है। इसको लेकर कई बार शिकायतें भी सामने आईं। इस मामले में जांच के बाद जिस भी पंचायत में गड़बड़ी पता चलती है या क्रय नियमों से अधिक दर पर लाइटें खरीदी गई हैं तो तय मानक के अनुसार पंचायतों से रिकवरी की जाएगी।
खास-खास:
– पंचायतों ने चार गुना अधिक राशि की लाइटें खरीदी, 36 हजार से 6 लाख रुपये तक एक पंचायत में हुए खर्च।
– भंडार क्रय नियम के अनुसार एक रुपये से 20 हजार रुपये तक खरीदी पर अधिकृत फर्म है उससे क्रय किया जा सकता है सामान।
– 20 हजार से एक लाख तक तीन कोटेशन के साथ क्रय किया जा सकता है। एक लाख से ऊपर पर निविदा बुलाना अनिवार्य है।
– सिहोरा की एक फर्म है वहां से सोलर लाइटें क्रय की गई हैं। क्रय समिति भी नहीं बनाई, न तो रेट बुनाए, एक ही दुकान से पूरे जिले में लाइटें लगवा दी गई हैं।
– प्रथम दृष्टया पंचायतों को राशि जमा करने कहा गया है।
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इनका कहना है
जिला पंचायत से नोटिस मिला है कि सोलर लाइट में क्रय नियमों का पालन नहीं किया। इसमें 170 ग्राम पंचायतें दायरे में हैं। विभाग के निर्देशों का पालन हुआ है। पता नहीं अब क्यों नोटिस मिला है।
राजभान हल्दकार, अध्यक्ष सचिव संघ।
इनका कहना है
मामला संज्ञान में आने पर इसकी जांच हो रही है। सचिवों से जवाब मांगा गया है। 170 ग्राम पंचायतों में क्रय नियमों के पालन न किए जाने संबंधी बात सामने आई है। बिना भंडार क्रय नियमों के खरीदी गई हैं। नियम विरुद्ध खरीदी गई है जिसमें राशि वसूली की कार्रवाई होना है।
आरके मालवीय, परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत।