6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

निरीक्षण जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों ने बच्चों को परोसी जाने वाली खिचड़ी का चखा स्वाद, स्टॉफ की पाई कमी

कायाकल्प योजना के तहत जिला अस्पताल की नब्ज टटोलने पहुंची राज्य स्तरीय टीम
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कटनी

•

image

Balmeek Pandey

•

Updated: 17 Jan 2024, 10:01 PM IST

बच्चों को परोसी जाने वाली खिचड़ी का चखा स्वाद, स्टॉफ की पाई कमी

बच्चों को परोसी जाने वाली खिचड़ी का चखा स्वाद, स्टॉफ की पाई कमी

कटनी. स्वास्थ्य विभाग में अस्पतालों की गुणवत्ता सुधारने, उत्तम उपचार व्यवस्था मुहैया कराने को लेकर कायाकल्प योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत जिला अस्पताल का एसेसमेंट करने के लिए दो सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम मंगलवार को पहुंची। इस दौरान टीम ने अस्पताल के कोने-कोने में जाकर सुविधाओं व व्यवस्थाओं की नब्ज टटोली। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टॉफ, पैरामेडिकल स्टॉफ आदि से बात की। समस्याओं पर भी चर्चा की।
जानकारी के अनुसार सागर अस्पताल से डॉ. अभिषेक साहू सहित एक अन्य चिकित्सक कायाकल्प योजना के तहत फाइनल एसेसमेंट के लिए जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पहले एनआरसी कक्ष, बच्चा वार्ड, लेबर रूम, मेजर ओटी, ब्लड बैंक, एसनएसइयू, आइसीइयू, लॉड्री, किचिन, फॉर्मेसी, वार्ड, ओपीडी, आयुष्मान कक्ष, कैजुअल्टी, डेंटल ओपीडी, पैथोलॉजी का जायला लिया। एनआरसी कक्ष में निरीक्षण के दौरान डॉ. अभिषेक साहू ने बच्चों को परोसी जाने वाली खिचड़ी का भी स्वाद चखा। बेहतर टेस्ट मिलने पर सराहनी की। दूध पाउडर का भी टेस्ट किया।

समस्याएं भी आई सामने
इस दौरान टीम ने निरीक्षण के दौरान बेहतर व्यवस्थाएं पाईं, लेकिन 350 बिस्तर के अस्पताल के हिसाब से कम स्टॉफ होना पाया। चिकित्सक व स्टॉफ की भारी कमी है। इस दौरान टीम ने बिल्डिंग की जगह भी कम पाई। पार्किंग स्थल कम होना पाया है। कायाकल्प की टीम सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके बाद जिला अस्पताल को नंबर मिलेंगे। इस एसेसमेंट के दौरान प्रभारी सीएस डॉ. राजेंद्र ठाकुर, डॉ. सुनीता वर्मा, डॉ. नरेंद्र झामनानी, डॉ. मनीष मिश्रा, डॉ. मोहित श्रीवास्तव अन्य चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टॉफ आदि मौजूद रहा।

दो दिन पहले से चल रही थी तैयारी
कायाकल्प योजना के तहत होने वाले एसेसमेंट की भनक जिला अस्पताल प्रबंधन को पहले से ही लग गई थी। इसको लेकर जिला अस्पताल में साफ-सफाई बेहतर ढंग से करा दी गई थी। बेड पर चादर व कंबल साफ-सुधरे मरीजों को मुहैया कराए गए। चिकित्सक व सभी स्टॉफ निर्धारित यूनीफॉर्म में नजर आए।