
Municipal corporation Katni negligence in underbridge construction
कटनी. शहर से कलेक्ट्रेट जाना हो या फिर लोगों को शहर आना हो, कितनी भी जल्दबाजी हो सागर पुलिया में जाम में फंसना नियति बन चुकी है। इसकी वजह संकीर्ण सड़कें तो हैं हीं साथ ही जिम्मेदारों की बेपरवाही भी मुख्य वजह है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन साल पहले अंडरब्रिज पर मुहर लग गई, लेकिन निर्माण के लिए नगर निगम ने राशि का ही अबतक भुगतान नहीं किया, सिर्फ पत्राचार तक बात सीमित है। शहर की गंभीर समस्या को देखते हुए मिशन चौक अंडर ब्रिज के समकक्ष एक और अंडरब्रिज की मांग उठी। नगर निगम ने मार्च 2017 में प्रस्ताव तैयार कराया। परिषद में 31 मार्च 2017 को मुहर लगी। लगभग 8.02 करोड़ रुपये की राशि तय हुई। अंडर पाथ निर्माण के लिए नगर निगम अबतक पूरी राशि का भुगतान नहीं किया, जिसकी वजह से न तो टेंडर प्रक्रिया पूरी हो पाई और ना ही ही अंडरपाथ का काम शुरू हो पाया। सीनियर डिवीजन इंजीनियर (को) पमरे ने नगर निगम आयुक्त को रिमाइंडर भेजकर 4 करोड़ 60 लाख 25 हजार 132 रुपये की राशि भेजने पत्राचार किया है। जब निगम राशि जारी कर देगा इसके बाद ही काम शुरू होगा। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि सोमवार को परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हो सके।
राशि जारी करने की बजाय प्रतिवेदन की मांग
हैरानी की बात तो यह है कि नगर निगम राशि जारी करने की बजाय रेल अधिकारियों से प्रतिवेदन मांगा गया है। 9 अगस्त को पत्र भेजकर आयुक्त ने मांग रखी है कि वर्तमान में उक्त स्थल पर ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। ऐसी स्थिति में अंडरब्रिज की ड्राइंग-डिजाइन, स्थल की उपलब्धता आदि का तकनीकी अधिकारियों से निरीक्षण, परीक्षण कराकर तकनीकी प्रतिवेदन भेजें, इसके बाद शेष राशि भेजी जाएगी।
इसलिए जरुरी है फ्लाइओर
मिशन चौक में फ्लाइओवर बनने के बाद भी शहर के लोगों की समस्या का समाधान नहीं होगा। क्योंकि चांडक चौक से आइसीएच तक फ्लाइओवर बन रहा है। ऐसे में शहर के लोगों को बरगवां, साउथ स्टेशन, मंगलनगर, लखेरा, एसीसी, ओएफके सहित इस क्षेत्र के लोगों को शहर आना होगा तो फ्लाईओर से दो किलोमीटर से अधिक की चक्कर काटना पड़ेगा, लेकिन अंडरपाथ से वे महज 50 मीटर में सफर पूरा कर सकेंगे। इस लिहाज से अंडर ब्रिज आवश्यक है।
खास-खास:
- 8 करोड़ 62 लाख 25 हजार 132 रुपये की लागत से बनना है अंडरब्रिज, रेलवे कर रहा रुपयों का इंतजार।
- 17 जनवरी 18, 10 मई 18, 9 जुलाई 18, 16 जुलाई 18, 30 जुलाई 18, 28 सितंबर 18, 5 नवंबर को भी रेलवे भेज चुका है रिमाइंडर।
- स्टीमेट एवं प्लान तैयार कराने के लिए नगर निगम 15 लाख रुपये का सीनियर डिवीजन फाइनेंस मैनेजर को कर चुका है।
- रेलवे ने 60 लाख रुपये की अतिरिक्त डिमांड की है उसकी स्वीकृति तो हुई, लेकिन राशि जारी नहीं हो पाई।
- दो बार टेंडर हुए, लेकिन पूरी राशि न जारी होने पर टेंडर का काम अटका, अब निर्माण में बाधा बनी हुई है रकम।
इनका कहना है
रेलवे द्वारा शेष राशिकी डिमांड की गई है। परिषद में स्वीकृति के बाद राशि भेजी जाएगी, ताकि अंडर ब्रिज का काम शुरू हो सके। विधानसभा और लोकसभा चुनाव की आचार संहिता व परिषद की बैठक नहीं होने के कारण प्रोजेक्ट मं विलंब हुआ है।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर।
नगर निगम को पूर्व में भी पत्र लिखा गया है। हाल में एक फिर रिमाइंडर लेटर भेजा गया है। रेलवे स्तर पर काम लेट नहीं हो रहा। जबतक नगर निगम पूरी राशि नहीं देगी तबतक अंडब्रिज का काम शुरू नहीं हो पाएगा।
डॉ. मनोज सिंह, डीआरएम।
Published on:
19 Aug 2019 11:31 am
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