
थिक वेब स्विच
कटनी. पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) जोन जबलपुर में यात्री ट्रेनों की गति 130/110 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा करने की तैयारी चल रही है। यात्री ट्रेनों की गति बढ़ाने के बाद सुरक्षा के मामले में अहं भूमिका का निर्वहन थिक वेब स्विच करती है। इसके लिए पमरे अंतर्गत तीनों मंडलों में थिक वेब स्वीच तेजी से लगाने का काम चल रहा है। इसमें इस वित्तीय वर्ष में कोटा मंडल पर 144 थिक वेब स्विच, भोपाल मंडल पर 94 और जबलपुर मंडल पर 38 थिक वेब स्विच के साथ कुल 276 थिक वेब स्विच रेल लाईनों में स्थापित किये गए हैं। इस प्रकार बीते वर्षों से लगाए गए थिक वेब स्वीच को मिलाकर अब तक कोटा मंडल पर 395 थिक वेब स्विच, भोपाल मण्डल पर 411 व जबलपुर मण्डल पर 38 थिक वेब स्विच मुख्य रूटों में तीव्र गति से कार्य करते हुए अभी तक कुल 844 थिक वेब स्वीच स्थापित किया गया है।
थिक वेब स्वीच स्पीड के साथ ट्रेनों का संचालन के दौरान गति एवं संरक्षा की द्वष्टि से महत्वपूर्ण सिद्व होगा। पमरे द्वारा इस कार्य को तीव्र गति से किया जा रहा है जिससे गाडिय़ों की गति को अधिक बढ़ाया जा सके। फिलहाल पमरे अंतर्गत कोटा मंडल के मथुरा-नागदा रूट पर अधिकतम गति बढ़ाने का कार्य प्रगति पर है। जिसको वर्ष 2024 तक पुर्ण करने का लक्ष्य है। इस टिडब्लुएस को लगाने में लगभग ढाई से तीन घंटे का ब्लॉक की आवश्यकता के साथ 30 से 40 कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ती है। इसी के साथ-साथ इसमें इस्तेमाल होने वाली प्वाईन्ट मशीन भी काफी सृदृढ़ है। यह कार्य रेलव के इंजीनियरिंग, दूरसंचार एवं संकेत, परिचालन और विद्युत विभाग के सामूहिक प्रयासों से किया जा रहा है।
थिक वेब स्वीच की विशेषताएं
- ट्रैक पर अनुमानित गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की जा सकती है।
- लॉन्ग हॉल मालगाड़ी जैसी भारी गाडिय़ों के भार को सहने की अदभुत क्षमता।
- सामान्य प्वाईन्ट की तुलना में थिकवेब स्वीच की विश्वसनीयता बहुत अधिक है।
- संरक्षा की द्वष्टि से सामान्य स्विच की तुलना में अधिक सुरक्षित है।
- नई रेल लाइन की कांक्रीट स्लीपरों पर आसानी से लगाया जा सकता है, जो सुरक्षा की द्वष्टि से महत्वपूर्ण है। सामान्य स्विच की तुलना में थिक वेब स्वीच की लाइफ 3 गुना अधिक होती है, साथ ही साथ इसका रखरखाव बहुत ही कम करना पड़ता है।
- यात्रियों को आरामदायक यात्रा में और होगी बढ़ोत्तरी क्योंकि ट्रेनों के प्वाईन्ट बदलने के समय नहीं लगेगा झटका जिससे साथ ही रेल यात्रा का सुखद अनुभव प्रदान करेगा।
Published on:
1 Apr 2022, 5:14 PM IST
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